बिजली विभाग का बड़ा कारनामा बोर खुदा ही नही और सरकारी जमीन में दे दी पक्की कनेक्शन और ट्रांसफार्मर,कनिष्ठ यंत्री कार्यालय बासीन के जेई साहब सारे कानून की धज्जियां उड़ाकर बांट रहे है फर्जी विद्युत कनेक्शन

परमेश्वर कुमार साहू@गरियाबंद

पूरे जिले में इन दिनों में बिजली विभाग के कई कारनामे सामने आ रहे हैं ।जिसमें एक ऐसा मामला है जहां बिजली विभाग के जेई साहब की मेहरबानी से सरकारी जमीन में बिना बोर खुदा उसे पक्की कनेक्शन देने के साथ ही साथ बकायदा ट्रांसफार्मर भी लगा दिया। मामला कनिष्ठ यंत्री कार्यालय बासीन का है। जहां ग्राम पंचायत रक्शा में बहुत से किसानों को जो सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बैठे हैं ,उन्हें सारे नियम, कायदा ,कानून के विपरित बासीन के जेई साहब द्वारा पक्की कनेक्शन दे दिया।

बताना लाजिमी होगा कि जिस किसानों को पक्की कनेक्शन दिया गया है उसने अभी तक बोर ही खुदाई नहीं करवाया है।जब किसान से मीडिया की टीम मिला तो किसान ने बताया की 2 साल पूर्व पक्की कनेक्शन के लिए विभाग में आवेदन जरूर किया था और इस साल मेरा कनेक्शन पक्का हो गया। मै अकेला नही हु मेरी तरह बहुत सारे ऐसे किसान है जिसे इसी तरह कनेक्शन मिला है ।विद्युत विभाग के लापरवाह और जिम्मेदारो द्वारा किसानों से मोटी राशि ऐंठने आँख मुद कर विद्युत् कनेक्शन बाटा जा रहा है।लेकिन विद्युत विभाग में बैठे उच्च अधिकारी इसके इन करतूतों पर पूरी तरह से लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। कन्ही ऐसा तो नहीं की इस अवैध कनेक्शन से प्राप्त राशि का कमीशन इनको भी जा रहा हो? जिसके चलते बिना स्थल निरीक्षण और बिना किसी जानकारी के हाथों हाथ कनिष्ठ यंत्री संजय यादव द्वारा चना मुर्रा की तरह नियम विरुद्ध कार्य कर रहे है ।जिससे आम उपभोक्ता बिजली बिल की मार तो झेल ही रही है।वही विद्युत् कंपनी भी ऐसे अधिकारियों की वजह से घाटे मे जा रही है ।साथ हि बिजली विभाग के कर्मचारियो अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों-कानूनों को ताक मे रखकर अपनी ऊपरी कमाई की चक्कर मे अपने कर्तव्यों को भी भूल गए है। साहब के ऐसे कारनामो की बहुत जल्द विभाग के उच्च अधिकारियो से लिखित शिकायत कर कार्यवाही की मांग किया जायेगा।
इस तरह जरूरत मंदो को कनेक्शन के लिए घुमाया जा रहा है और खुलकर फर्जी कनेक्शन बाटा जा रहा है। ऐसे ही कई मामले नवापारा डिवीजन के अंतर्गत बासीन और कौंदकरा कनिष्ठ यंत्री कार्यालय का है।जंहा कई लापरवाही और अनियमितता है जिसका जल्द बड़ा और खुलासा किया जायेगा।वही इस मामले को लेकर दो बार कनिष्ठ यंत्री संजय यादव को उनका पक्ष जानने फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा।

वर्जन

नियम विरुद्ध विद्युत नही दिया जाना चाहिए। अगर सरकारी जमीन पर है तो।बाकी जानकारी आप कनिष्ठ यंत्री से ले लीजिए।इस बारे में वही ज्यादा बता पाएंगे।

महेंद्र शुक्ला,एई विद्युत विभाग

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