आज 1 मई है यानी मजदूर दिवस। पूरे देश में इसे इसी रूप में मनाया जा रहा है। लेकिन छत्तीसगढ़ में इस बार ये खास और अलग हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की एक अपील ने इसे राज्योत्सव बना दिया है। जिसमें हर आम और खास व्यक्ति भोजन के जरिए श्रमिकों के साथ जुड़ गया है। इसे नाम दिया गया है ‘बोरे-बासी उत्सव’ यानी कि प्रदेश के पारंपरिक भोजन को हर कोई मिल-बांट कर साथ बैठकर खा रहा है।
दरअसल, ताजा भात यानी चावल को जब पानी में डुबोकर खाया जाता है तो उसे बोरे कहते हैं। इसे दूसरे दिन खाने पर यह बासी कहलाता है। फिर इसे आम या नींबू का अचार, प्याज और हरी मिर्च, दही या मठ्ठा डालकर, भाजी, रखिया बड़ी, मसूर दाल की सब्जी, रात की बची अरहर दाल, कढ़ी या बिजौरी के संग खाया जाता है।गजब विटामिन भरे हुए हैं, छत्तीसगढ़ के बासी में’।


