अनिता देवांगन@ कोंडागांव। कोंडागांव जिला के मटवाल गांव में बुधवार को मेला हुआ। बस्तर के अनोखे रीति रिवाज में से एक रिवाज मटवाल मेले में भी किया जाता है। सबसे पहले देव लठ को पकड़ कर सिरहों के द्वारा मेले के अंदर घुमाया जाता है फिर मंदिर में ले जा कर पूजा पाठ कर धूप दीप जला कर देवियों को शांत करते हैं। उसके बाद लठ रूपी देवी को अपने घर लेकर सिरहे चले जाते हैं और फिर गांव वाले और पड़ोसी गांव के लोग मेले का आनंद लेते हैं। कोरोना काल के बाद इस वर्ष पहली बार इस गांव में मेला लगा है जिसका भरपूर आनंद गांव वालों ने लिया। तरह-तरह के झूलों, मनियारी दुकानों, बच्चों के खिलौनों की दुकानों और मिठाइयों से सजी-धजी दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी। कोरोना महामारी के बाद लगे इस मेले में गांव वाले खुशियों से झूम उठे हैं लेकिन बुधवार की दोपहर की बारिश ने सबकी खुशियों में पानी फेरा है। बारिश की वजह से दुकानें बंद करनी पड़ी और भीड़ भी कम हुई जिससे मेले की रौनक फीकी पड़ गई। रात भर नाट्य का प्रोग्राम चला है जहां हल्बी और ओड़िया गानों ने लोगों का मन मोह लिया।
कोंडागांव के मटवाल गांव में बुधवार को लगा मेला,लोगो ने उठाया मेले का आनंद
