सेम्हरा की छात्रा चंद्रकुमारी ने अंचल को किया गौरवान्वित,,,,,,,जनजातीय साहित्य महोत्सव में किए पेंटिंग को मिला द्वितीय पुरस्कार

छुरा :- राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में छुरा ग्रामीण अंचल की छात्रा चंद्रकुमारी नागेश ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।इस उपलब्धि पर उनके परिवार सहित पूरे गांव में खुशी का माहौल है।विदित हो राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव का आयोजन राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ऑडिटोरियम में 19 अप्रैल से 21 अप्रैल तक किया गया था। राष्ट्रीय स्तर के तीन दिवसीय आयोजन में राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव, राज्य स्तरीय जनजातीय नृत्य प्रदर्शन और राज्य स्तरीय कला एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। यह आयोजन आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित किया गया।साहित्य महोत्सव के अंतर्गत कला एवं चित्रकला प्रतियोगिता तीन आयु वर्गों में चित्रकला प्रतियोगिता के लिए राज्यभर के प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थी।चंद्रकुमारी ने 12 -18 आयुवर्ग की प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपनी कला का शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया।शासकीय हाई स्कूल सेम्हरा के कक्षा 9 वी में अध्ययनरत छात्रा की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शिक्षक मंगलमूर्ति ने बताया कि प्रारंभ से ही मेधावी रही चंद्रकुमारी को चित्रकला से अत्यधिक लगाव है जिसके लिए वह खूब मेहनत भी करती है। इससे पूर्व भी उसने जिला गरियाबंद में आयोजित प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया था तथा पावरग्रिड कारपोरेशन कुम्हारी भिलाई में तृतीय स्थान प्राप्त किया जिसके लिए उन्हें एक बड़ी राशि पुरस्कार प्रदान किया गया था।गांव तथा संस्था के लिए गौरव बन चुकी छुरा विकास खण्ड अन्तर्गत ग्राम पंचायत सेम्हरा के आश्रित ग्राम सेन्दबाहरा की इस प्रतिभाशाली बालिका के माता-पिता गांव में ही कृषि कार्य करते हैं।छग के रत्नांचल के नाम से विख्यात जिला गरियाबंद के अनुसूचित क्षेत्र में ऐसे चमकदार रत्नों की कमी नहीं,जरूरत है इनकी चमक को दुनिया में पहचान दिलाने में समाज तथा शासन-प्रशासन आगे आएं इन्हें उच्च स्तरीय मंच के लिए सहयोग प्रदान करें।चंद्रकुमारी की इस उपलब्धि पर हर्षित शाला परिवार के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।।
कला एवं जनजातीय संस्कृति पर आधारित चित्रकला
महोत्सव में कला एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इसके अंतर्गत 18 से 30 आयु वर्ग और 30 से ऊपर प्रतिभागियों के लिए कैनवास पेंटिंग की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वहीं दूसरी ओर 12 से 18 आयु वर्ग के लिए ड्राइग सीट पर पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके अलावा हस्तकला प्रदर्शन के अंतर्गत बांस कला, छिंदकला, गोदना कला, रजवार कला, शीसल कला, माटी कला एवं काष्ट कला के प्रतिभागी अपने प्रतिभा का जीवंत प्रदर्शन भी किया गया।

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