शासकीय आयुर्वेद औषधालय परसदाजोशी और बासिंग के अधिकारी,कर्मचारियों की जमकर मनमानी,शासन इन्हे ड्यूटी न करने और लापरवाही बस बरतने का दे रहा है मुंहमांगी वेतन

शासकीय आयुर्वेद औषधालय परसदाजोशी और बासिंग के अधिकारी,कर्मचारियों की जमकर मनमानी,शासन इन्हे ड्यूटी न करने और लापरवाही बस बरतने का दे रहा है मुंहमांगी वेतन

परमेश्वर कुमार साहू@गरियाबंद।अधिकारी और कर्मचारियों की ठसनबाजी और मनमानी इस कदर है की इसे रोकने में शासन और जिला प्रशासन रोकने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है।एक तरफ सरकार स्वास्थ सुविधा को लेकर तरह तरह के जतन कर हर संभव प्रयास कर रहा है।ताकि आम जनता को शासन की योजना का लाभ और बेहतर स्वास्थ सुविधा मिले।लेकिन इन सभी चीजों के लिए जिन अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी दी गई है वो अपने कर्तव्यों के प्रति तनिक भी गंभीर नहीं है।शासन से अच्छी वेतन और भरपूर सुविधा मिलने के बावजूद भी न तो निर्धारित समय पर ड्यूटी पर पहुंच रहे है और न समय पर औषधालय खुल रहा है।

मामला गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक के शासकीय आयुर्वेद औषधालय परसदाजोशी और बासिंग का है। जंहा परसदाजोशी में जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी न तो समय पर औसधालय को खोल रहे है और न ही ड्यूटी पर पहुंच रहे है।इस मामले को लेकर मीडिया की टीम ने एक बार फिर इन दोनो औषधालय का पड़ताल किया। जंहा मंगलवार को परसदाजोशी आयुर्वेद औषधालय का ताला 8.35 बजे तक नही खुला था और कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी नही पहुंचे थे। यह पदस्थ फार्मासिस्ट एलके वर्मा द्वारा शासन के निर्देशों के विपरित कार्य करते हुए हमेशा लेट से आयुर्वेद औषधालय पहुंचते है या फिर समय पूर्व बंद कर चला जाता है।तो वही ड्यूटी से अक्सर नदारद रहने की जानकारी भी लगातार ग्रामीणों से मिलती रहती है।जिसको पहले भी न्यूज24 कैरेट ने पड़ताल कर खबर प्रकाशन कर इनकी लापरवाही को उजागर किया था।उसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।जिसके वजह से इनके हौसले बुलंद है और लगातार लापरवाही पे लापरवाही बरत रहे है। यही हाल बासिंग आयुर्वेद औषधालय में भी देखने को मिला जहा जिम्मेदार पद पर पदस्थ स्वास्थ अधिकारी अलका रागासे औषधालय खुलने के निर्धारित समय से 3 घंटा लेट से लगभग 11 बजे ड्यूटी पर पहुंचा।जबकि आयुर्वेद औषधालय खुलने का समय सुबह 8 बजे से 1 बजे तक और सेकंड टाइम 4 से 5 बजे तक है।लेकिन इन सभी जिम्मेदारों द्वारा जानबूझकर ड्यूटी निभाने में जमकर मनमानी बरत रहे है।वही स्वास्थ अधिकारी अलका रागसे को दो दो जगह की ज़िम्मेदारी दी गई है उसके बाद भी मुख्यालय में नही रहती और 60 किलोमीटर दूर रायपुर से आना जाना करती है।जिससे साफ है की इन्हे शासन के कार्यों और आम जनता के प्रति कोई सरोकार नही है।क्योंकि इनका तो वेतन इन्हे समय पर मिल जाता है।कुल मिलाकर कहा जा सकता है की आयुर्वेद औषधालय परसदाजोशी और बासिंग में पदस्थ इन स्वास्थ कर्मचारियों को शासन तनख्वाह केवल समय पर ड्यूटी न करने और लापरवाही बरतने की दे रही है।

इस मामले को लेकर फार्मासिस्ट एलके वर्मा को फोन करने पर उनका मोबाइल पहले स्विच ऑफ आया लेकिन बाद में फिर फोन करने पर उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा।वही स्वास्थ अधिकारी अलका रागासे को भी उनका पक्ष जानने फोन किया गया लेकिन उन्होंने 5 मिनट के बाद काल बैक करने की बात कहकर फोन काट दिया।

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