छुरा….रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं है बल्कि यह मनुष्य को जीवन की सीख देता है। रामायण के हर एक चरित्र से कुछ न कुछ शिक्षा अवश्य प्राप्त होती है। यदि व्यक्ति रामायण को पूजने के साथ उससे मिलने वाली सीख को अपने जीवन में अनुसरण करे तो वह एक सफल जीवन व्यतीत कर सकता हैं। ग्राम पिपरछेड़ी (जतमई गढ़) में आयोजित त्रिदिवसीय राज्यस्तरीय संगीतमयी रामायण प्रतियोगीता में खडमा सेवा केन्द्र से पहुंची ब्रह्माकुमारी अंशु दीदी ने मुख्य अतिथि के आसंदी से उक्त बातें कही ।
उन्होंने भगवान श्रीराम की छाया चित्र की पूजा अर्चना कर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। व उन्होंने रामायण के प्रसंगिक्ता पर मनुष्य को जीवन के हर परिस्थिति में संयम रख कर चलने की बात कही। जो व्यक्ति सुख एवं दुख में संयम और धैर्य बनाए रखता है। वह विषम परिस्थितियों से लड़कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। राम का आदर्श जीवन हम यही प्रेरणा देता हैं।
कार्यक्रम को पूर्व सरपंच अगहन सिंग ठाकुर ,गोविंद यादव जनपद सदस्य खिलेश्वरी ध्रुव ने भी अपने विचार व्यक्त हुए कहा कि रामायण सुनने की नहीं बल्कि सुनकर, चिंतन कर जीवन में धारण करने का विषय है।
परिवार में सदैव एकता रखनी चाहिए। भाई यदि भाई के साथ हो तो विषम परिस्थितियों को भी आसानी से पार किया जा सकता है। इसलिए परिवार में प्रेम और एकता बनाएं रखने चाहिए। रामायण की यह सीख हमारे जीवन की दिशा बदल देगी।कार्यक्रम का संचालन शिक्षक हेमलाल यादव ने किया सभी अतिथियों को राम टोकरी व श्रीफल देकर सम्मानित किए।तत्पश्चात् रामायण पार्टियों का मंचन प्रारम्भ हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम में बीके लवन कुमार साहू , बी के जितेंद्र कुमार ठाकुर, तेजस्वी यादव , बिसहत राम ध्रुव
सरपंच निरा बाईं ध्रुव ,गिरधर ध्रुव, सुकलाल ध्रुव, सज्जन सिंह यादव,दीनबंधु, रोहित कुमार, आतम, कुमारीबाई, उर्वशी बाई पंच, दूज लाल सहित बड़ी संख्या में माताएं, बहनें, व ग्राम प्रमुख क्षेत्र वासी उपस्थित रहे।
रामायण में छिपा है जीवन का सार, अपने जीवन को बना सकते हैं सुखी और सफल — ब्रह्माकुमारी अंशु दीदी
