दुर्ग।मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम चन्द्र जी के जन्मोत्सव पर जगदम्बा ढोल तासक पथक वर्धा की टीम ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग में अपने 65 सदस्यों की टीम के साथ 10 अप्रेल को प्रस्तुति दी। जिसमे प्रमुख रूप से वर्धा की बेटी संपदा की प्रस्तुति से वहां के रामभक्तों के बीच एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। महाराष्ट्र वर्धा की बेटी संपदा ने बताया कि वह इस ढोल तासक ग्रुप में विगत एक-डेढ़ वर्षो से ही अपनी सहभागिता निभा रही है। वह अपनी शौकीन अंदाज में वह इस ढोल तासक ग्रुप से जुड़ी है।
नारियो की कला में अति सामर्थ्य है-जिनेश
इसी क्रम में दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र के सरपंच जिनेश जैन राजा ने बताया कि संपदा की प्रस्तुति प्रसंसनीय रही है। पूरे प्रदेश के लिए चर्चा का विषय बन चुका है। संपदा ने अपनी प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ की बेटियों को एक बड़ा संदेश दिया है कि नारी पुरुष से उतनी ही श्रेष्ठ है, जितना प्रकाश अँधेरे से। नारी का शारीरिक सामर्थ्य भले ही कम हो, उसकी कला में असीम सामर्थ्य है। इसे संपदा ने साबित कर दिखाया है।एक दिन जब देश की पूरी शक्ति काम करना शुरु कर देगी, तो कोई भी अन्य देश भारत से अधिक शक्तिशाली नहीं होगा। पुरुष ये नहीं जानते कि भारतीय महिलाएं कितनी शक्तिशाली हैं। ये सभी भारतीय पुरुषों के लिए बहुत आवश्यक है कि वो महिलाओं की शक्ति को समझे और उन्हें स्वंय को आत्मनिर्भर और देश व परिवार की शक्ति बनाने के लिए आगे बढ़ने दें।साथ ही समस्त देशवासियो को रामनवमी पर्व की बधाई देते हुए संपदा और उसकी पूरी टीम को सफल आयोजन हेतु बधाई एवं शुभकामनाएं दिए।
