रानीतराई। परिछेत्रीय महावीर जयंती समारोह का आयोजन.विविध प्रतियोगिताओं भव्य शोभायात्रा के साथ रानितराई में गुरुवार को हुआ।महावीर जयंती समति के इस 28 वां वर्ष आयोजन में मुख्य अतिथि हास्य कवि राधेलाल लोढ़ा दुर्ग ने कहा कि भगवान महावीर को मानने वाले भगवान महावीर का माने जन्म मरण से मुक्ति भी मिल सकती है।उन्होंने कहा आडम्बर समाज के विकास में बाधक और भगवान महावीर के सिद्धांतों के प्रतिकूल है आडम्बर मुक्त समाज के लिए सभी को तन मन धन से प्रयास करना चाहिए। भगवान महावीर की वाणी में संस्कार की गंगा बहती है इस गंगा में डुबकी लगा कर जीवन को सार्थक बनाये।
अध्यक्षता मर्मस्पर्शी कवि थानमल ओस्तवाल गुंडरदेही ने किया।विशेष अतिथि पारसमल छाजेड़ विद्वान शिक्षा विद श्री रामकुमार सोनी गुलाब रायसोनि हस्तीमल चौरड़िया भखारा राल जैन समाज अध्यक्ष कोषाध्यक्ष श्री रायसोनि मंचासीन रहे।विदित हो कि जामगांव आर बटरेल बेल्हारी ओदरागहन रानितराई के जैन श्री संघ ने परिछेत्रीय महावीर जयंती समिति गठित कर क्रमशः सदस्य ग्रामो में जयंती का आयोजन करते है।इस वर्ष समिति द्वारा 28 आयोजन किया गया है इसके पूर्व सभी सदस्य ग्रामो में महावीर जयंती बड़ी धूमधाम से मनाया जा चुका है।विदित हो कि कोरोना काल मे भी समिति ने ऑनलाइन महावीर जयंती मनाते हुए श्रमण संघ के ओजस्वी वक्ता जैन साध्वी चन्द्रप्रभा श्रीजी जिनप्रभा श्रीजी का प्रवचन लाभ सीधे भक्तों ने लिया था।उलेखनीय है जिन गांवों में एक घर जैन है वहां भी बड़ी धूमधाम सफलता पूर्वक महावीर जयंती मनाने का गौरव इस समिति ने हासिल किया है।

संस्कार के अभाव में धन बर्बादी का इतिहास लिखती है,,,,,,
हास्य कवि ने आगे कहा कि संस्कार के अभाव में धन बर्बादी का इतिहास लिखती है धन संस्कार के अभाव में मानव को पथ भ्रष्ट करती है।पथ भ्रष्ट व्यक्ति अहंकार जुआ नशापान व्यभिचार आदि कुव्यवसनो में डूब कर अपने आप को बुद्धिमान समझने की मूर्खता पाल लेता है।ऐसे व्यक्तियों के बारे समाज मे खबर फैल चुकी होती है किन्तु धन अंहकार के नशे में चूर व्यक्ति निरन्तर गलत कामो में आगे बढ़ते हुए यह गलत फहमी पाले रखता है कि उसके काले कारनामो की किसी को खबर नही।यही है संस्कार के अभाव में अपने लिए कब्र खोदते चला जाता आदमी।उन्होंने अष्टावक्र का उदाहरण देते सुंदर चर्म नही धर्म के मर्म को समझने का आग्रह किया
धन में धर्म की लगाम हो तब मतंग मन नियंत्रित रहेगा,,,,
अध्यक्षता कर रहे कवि थानमल ओस्तवाल ने कहा कि आत्मा को परमात्मा बनाने में कर्मो का बड़ा खेल है कर्म जब धर्म बन जाता है तब आत्मा परमात्मा बनने की ओर कदम बढ़ाता है।संसार के संचालन में धन जरूरी है लेकिन संसार के कुशल संचालन में धर्म अत्यावश्यक है।धन में धर्म की लगाम लगी हो तो मतंग होने वाला मन रूपी घोड़ा भी नियंत्रण में रहता है।धर्म दिखावे के नही अंतर्मन साधना का विषय है इसे समझने जीवन मे उतारने सदगुरु और सद साहित्य का सानिध्य प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने इंसान बने रहने के लिए धर्म को अंगीकार करते हुए समाज की रक्षा में महती भूमिका निभाने का आव्हान किया।
आत्मा को परमात्मा बनाने की कला दिखा गए भगवान महावीर,,,,,,,
शिक्षा विद रामकुमार सोनी ने कहा कि धर्म जीवन जीने की सुकून भरी कला सिखाती है।भगवान महावीर का उपदेश जीवन को सार्थक दिशा देती है।
भगवान महावीर की जयंती मनाने में आनन्द तब आएगा जब हम उनके बताये मार्ग पर चलकर अपनी आत्मा का कल्याण करे। भगवान महावीर अपनी आत्मा के कल्याण के लिए 27 भव तक सांसारिक यात्रा किये कर्मो का छय करते करते अंततः आत्मा को परमात्मा बनाने में सफल हो गए।और भक्तों को राह दिखा गए कि आत्मा को परमात्मा ऐसे बनाया जा सकता है। प्रभु महाप्रभु और वीर महावीर की विस्तृत व्याख्या किये।
प्रतिभावान प्रतिभागी सम्मानित किए गए,,,
उचित सम्बन्ध जोड़ो में मनीष बैद चन्द्रकैलाश बैद डॉ डालचंद जैन जिनेश चौरड़िया लक्ष्मी धीरज जैन तथा एकल भक्ति गीत में दुबई निवासी नीतीश बैद श्रीमती रेखा जैन पूजा चोपड़ा की निखरित प्रतिभा क्रम में अतिथियों के हाथों सम्मान हुआ।इसके अलावा एकल प्रश्न उत्तर में एवं बच्चो के द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सम्म्मनित किये गए।
जैन समाज के तीन सरपंचों का सम्मान हुआ,,,,,,
ग्रामपंचायत रानितराई सरपंच निर्मल जैन ,ओदरागहन सरपंच जिनेश जैन, मर्रा विजय जैन का सम्मान जयंती में किया गया इस अवसर पर पूर्व जनपद सदस्य हस्तीमल जैन पूर्व जनपद सदस्य थानमल जैन विशेष तौर पर उपस्थित रहे भखारा के वरिष्ठ भरत नाहर ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर जामगांव आर बटरेल बेल्हारी गुजरा कसही ओदरागहन निपानी रानितराई दुर्ग धमतरी भखारा खोपरा पाटन सेमरा गुंडरदेही उतई गुजरा आदि जैन श्री संघ सदस्य परिवार उपस्थित थे। भव्य शोभा यात्रा में शामिल हुए रानितराई जैन श्री संघ के सभी परिवार ने शोभा यात्रियों का भव्य रसपान स्वागत किया। समाजसेवी नरेंद्र देवांगन का जैन समाज ने सम्मान किया।
महावीर जयंती महोत्सव में अंचल के जैन समाज सहित साहू समाज न्याय प्रकोष्ठ संयोजक पाटन धनराज साहू ,डा हिमांचल साहू ,महेंद्र साहू , पंचगण कामता ठाकुर ,प्रशांत तिवारी ,श्रीमती शिवकुमारी साहू , मंजू अंगारे ,यशपाल साहू सहित अन्य समाज के जनमानस भी उपस्थित रहे ।
संचालन मुस्कान नाहर, विनल पारख, गायक जितेंद्र पारख व आभार आसकरण जैन ने किया।
