नवा रायपुर (न्यूज 24 कैरेट /सतीश पारख) नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा कामन एरिया मेंटेनेस चार्ज (सीएएम) की वसूली को लेकर मंत्रालयीन कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है!
एनआरडीए संचालक मण्डल अनुमति के बगैर ही दिसम्बर 21 से यह वसूली कर रहा है!
सूत्रों के अनुसार मंत्रालय और संचालानालय के करीब दो हजार कर्मचारी नए शहर के सेक्टर -17,27और 29 में रह रहे है! इन्हे वंहा बसाने सरकार ने कई तरह की छूट का प्रावधान कर रखा है!
इसी के तहत हाऊसिंग बोर्ड भी इन कर्मियों से कोई शुल्क नही लेता था।लेकिन अब जब कॉलोनी एनआरडीए के अधीन हो गया है तो अचानक दिसम्बर 21से सीएएफ की वसूली शुरू कर दी है! इस वसूली में भी एनआरडीए अफसरों और कर्मचारियों में भेदभाव कर रहा है! सेक्टर 17 में निवासरत अफसरों से कोई वसूली नही की जा रही है, वंही जबकि तृतीय -चथुर्थ वर्ग कर्मचारियों से हर माह 12-12सौ रूपये लिये जा रहे है!
एनआरडीए यह शुल्क सड़क, ड्रेनेज़, लिफ्ट एवं बिजली मेंटनेस के नाम पर वसूली कर रहा है!
आश्चर्यजनक तथ्य यह है की इस वसूली को लेकर एनआरडीए संचालक मण्डल ने कोई अनुमति नही दी है! इसके उलट संचालक मण्डल ने अगली बैठक में प्रस्ताव देने कहा है! और वसूली 4 महीने से चल रही है! इतना ही नही पुरे शहर के मेंटनेस के लिए सरकार स्वयं 20 करोड़ का फंड देती है! उसके बावजूद इस वसूली से कर्मचारी नाराज है!
मंत्रालय संघ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह राजपूत का आरोप है की अपने घाटे को पूरा करने एनआरडीए कर्मचारीयों से वसूली कर रहा है! ऐसी वसूली राजधानी के किसी भी सरकारी कॉलोनी में नही की जाती है। इस वसूली के बावजूद मेंटेनेस के नाम पर कोई काम नही दिखता!बल्कि सात मंजिला भवनों के लिफ्ट कर्मचारी अपना खुद चंदा करके सुधरवाते है!एनआरडीए ने यह वसूली बंद नही की तो सारे रहवासी जल्द ही प्राधिकरण के घेराव करेंगे!
