विक्रम शाह@कुम्हारी । स्थानीय विभिन्न मुहल्लों में घर-घर स्थापित ज्योत जंवारा को सोमवार को शीतला तालाब (बड़े तालाब) में विसर्जित किया गया। सुबह से ही सेवादारों व सेवा समितियों द्वारा ज्योत जंवारा की विधिवत पूजा-अर्चना कर जस व सेवा गीत गाकर ढोल-बाजे मंदर मंजीरा के धुन के माध्यम से निकाला गया। बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर जंवारा ज्योत कलश धारण किये खुल्ले पैर तपती धूप पर चल कर शीतला मंदिर प्रांगण तक पहुंची। विसर्जन यात्रा में श्रद्धालुओं ने अपने गाल हाथ सीने पर नुकीले सांग-बाणा चुभोये देवी जस गीतों पर नाच रहे थे। जिसे देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उपस्थित रहे। ठीक एक दिन पहले चैत्र नवरात्र के अंतिम दिवस पर मां महामाया मंदिर में प्रज्ज्वलित 1806 ज्योत को प्रांगण स्थित जलकी कुंड में विसर्जित की गई। जहां सुबह से ही मंदिर के सेवादार व पंडा के माध्यम से विधिवत पूजा कर जसगीत व सेवगीत गाकर विसर्जन किया गया ।
कुम्हारी में ज्योत जंवारा विसर्जन देखने उमड़े लोगों की भीड़
