देवरीबंगला / श्रीमद् भागवत कथा हमें मर्यादा में रहना सिखाती है। साथ ही यह मानव का सच्चा मार्गदर्शन करती है। जो मनुष्य सच्चे मन से श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करता है उसका लोक ही नहीं परलोक भी सुधर जाता है। मनुष्य जीवन बहुत दुर्लभ है। और बहुत सत्कर्म के बाद ही मिलता है। मनुष्य को इसका सदुपयोग करना चाहिए। प्रभु नाम का जप कर अपना लोक और परलोक दोनों सुधारना चाहिए। कलयुग में सबसे बड़ा सहारा प्रभु नाम का स्मरण है। यह बातें ग्राम भंडेरा के शांतिधाम में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के दौरान फरदफोङ के संत पंडित सुरेंद्र तिवारी ने व्यक्त किए। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि हमें अपने दांपत्य जीवन में गंभीर होना चाहिए। पति-पत्नी भाई बहन का प्रेम, पिता पुत्र सास बहू सभी को अपनी मर्यादा में रहना चाहिए। श्रीमद् भागवत कथा हमें मर्यादा में रहना सिखाती है। श्रीमद् भागवत कथा के आठवें दिन द्वारिका लीला, सुदामा चरित्र तथा परीक्षित पूर्णाहुति की कथा सुनाई। श्रीमद् भागवत कथा के प्रमुख यजमान मंत्री लाल सिन्हा उर्वशी व उमा सिन्हा है।
ग्राम भंडेरा, परसाडीह, नंहदा, खामतराई में चल रही है श्रीमद् भागवत कथा व देवी पुराण… मनुष्य जीवन बहुत दुर्लभ है और बहुत सत्कर्म के बाद ही मिलता है :- पंडित सुरेंद्र तिवारी
