लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ का पहला पुल जिसकी ऊंचाई सड़क से कम…,,,लोक निर्माण मंत्री के क्षेत्र में ही ठेकेदार का गोलमाल हर जगह झोलझाल??

यह मुद्दा न्यूज 24 कैरेट ने प्रमुखता से उठाया था..जो सच साबित हुवा उजागर गलतियों को ढांकने ढले पुल के ऊपर ठेकेदार द्वारा पुनः ढलाई..उनकी करतूतों और गलतियों का सबसे बड़ा प्रमाण

अब पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ठेकेदार के काम के मामले में कुंभकर्णी नींद में सो रहे??

आखिर का खेला है भाई अधिकारी और ठेकेदार के बीच??

उतई..(न्यूज 24 कैरेट /सतीश पारख)..लोक निर्माण मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच ना सिर्फ पुरे झोलझाल की चर्चा जोरों पर है अपितु सड़क की 42 फिट चौड़ाई के लिए सुबह से लेकर शाम तक टेप लेकर घूमते नजर आने वाले लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की आंखें शायद पुल निर्माण के वक्त बंद हो गई ।बंद कर दी गई।या सेटिंग के तहत फ्री छोड़ दिया गया। यह प्रश्न आमजनता के बीच अब सुगबुगाहट होने लगा है।।
प्रदेश में अनेक पुल व सड़कों का निर्माण देखा जो सड़क से छह आठ इंच ऊपर ही देखने को मिला किंतु लोक निर्माण मंत्री के क्षेत्र में यह पुल पुरानी सड़क से भी आठ से दस इंच नीचे ढलाई कर दिया गया जबकि अभी सड़क के ऊपरी हिस्से में डामरीकरण होने के बाद सड़क और ऊंची हो जाएगी ऐसे में ठेकेदार या लोक निर्माण के अधिकारियों द्वारा पुल को सड़क के लेबल में करने एक फिट का डामरीकरण करवाया जाएगा यह बात समझ से परे है।

न्यूज 24 कैरेट ने इस गलती का खुलासा करते हुवे पुल की सड़क से आधा एक फिट नीचे ढलाई को गलत ठहराते हुवे।लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहे इस कार्य को गलत ठहराया था।आज बीस दिन बाद ठेकेदार द्वारा ढले पुल के ऊपर अलग से छह आठ इंच अतिरिक्त ढलाई ने साबित कर दिया है को इस काम में भारी झोल है।ईमानदारी का चोला पहन जनता के साथ दादागिरी करने वाले अधिकारियों की चोरी ठेकेदार के इस काम से उजागर हो गई है । जबकि पहले ही सड़क की वाल ऊंची कर ऊपर की ढलाई दोनो ओर की सड़क जिसे पुल से जुड़ना था पुल का वह हिस्सा कम से कम एक फिट ऊंचा बनना था।जो मिलीभगत से बिगाड़ कर अब ऊपर ढलाई कर चोरी छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।

पुल ढलाई बाद सड़क हिस्से के दोनो ओर डाली गई मुरूम की जगह काली मिट्टी

उतई मिनी माता चौक से मचादूर सड़क निर्माण के लाखों के इस पुल के सड़क से लगे हिस्से के दोनो ओर लाल हार्ड मुरूम डालने की बजाय काली मिट्टी डाली गई है।जो गलत है जिसका भी मौखिक विरोध करने पर ना ठेकेदार ना पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने ध्यान दिया जो सरासर भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही अनियमितता की ओर इशारा करता है।

ब्यूरिंग कोड का नाम लेकर अपनी गलती छिपाने का झूठा प्रयास कर रहे पीडब्ल्यूडी अधिकारी और ठेकेदार

इस विषय पर न्यूज 24 कैरेट के प्रतिनिधि ने जब पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर से बात की तो उन्होंने ढलाई पर ब्यूरिग कोड की बात कही। इस विषय पर और भी जानकारी ली गई तो पता चला की ब्यूरिंग कोड बड़े पुलों में डलता है उस पर भी शरिया का जाल बिछाया जाता है जबकि इस पुल पर ऐसा कोई जाल नही बिछाया गया है और ना ही इतने से पुल पर ब्यूरिग कोड की जरूरत है। नियमानुसार पुल की दोनो दीवारें और ऊंची कर ढलाई सड़क से एक फिट या समकक्ष ऊंची होनी थी जबकि ऐसा ना कर ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मनमानी कर जनता की जान जोखिम में डालकर शायद अपना आर्थिक लाभ देख रहे हैं।

भारी वाहन से पुल के टूटने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता

जिस हिसाब से इस छोटे से पुल पर ब्यूटिंग कोड कर अपनी चोरी छिपाने का प्रयास हो रहा है यह भविष्य में जनता के लिए आवागमन के लिए जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि मुख्य मार्ग होने के कारण भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है जिससे यह पुल टूटने की ओर पुनः मार्ग अवरूद्ध होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।

पुल की ढलाई तोड़ ऊंचाई बढ़ाई जाए फिर पुनः हो नियमानुसार ढलाई

ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर अपनी इस्तीमेट ओर सड़क संबंधी सारे कागजात जिसके आधार पर टेंडर निकाला गया टेंडर जिस एजेंसी को मिला और जिस आधार पर नियमों के तहत एग्रीमेंट हुवा वो सारे कागजात लेकर मौके पर आए नाप जोख करे और उसके अनुरूप पुल का ईमानदारी से तोड़कर पुनः निर्माण करे इस बात की आवाज उठने लगी है ।लोगों ने काम रोकने की चेतावनी भी दी है।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और ठेकेदार द्वारा व्याप्त अव्यवस्थाओं पर नगर पंचायत अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का मौन भी अनेक तरह के संदेहों को जन्म देता हैं।

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