दुर्ग। जल जीवन मिशन अंतर्गत दिनांक 22 मार्च 2022 को विश्व जल दिवस के अवसर पर ‘‘मोर गांव मोर पानी’’ अभियान का शुरूआत किया गया। यह महाअभियान 22 मार्च से 22 अप्रैल एक माह तक छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त जिलों में चलाया जाएगा। मोर गांव मोर पानी अभियान का उद्देश्य प्रत्येक ग्राम में वर्षा जल का विभिन्न तकनीकी विधियों से संवर्धन एवं जल के उपयोग उपरांत उत्पन्न हुये ग्रे-वॉटर का उचित प्रबंधन कर ग्राम के सम्पूर्ण जल का संवर्धन एवं संरक्षण करना है। जल के विवेकपूर्ण उपयोग एवं उचित रख-रखाव, भंडारण करने के साथ-साथ जल स्रोतों और जल का संरक्षण कर उन्हें सतत् बनाये रखने, जल का पुनः उपयोग करना है। दुर्ग जिले में इस अभियान की शुरूआत डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला जल व स्वच्छता मिशन के मार्गदर्शन में की गई। अभियान के तहत आज दिनांक तक दुर्ग जिले में जेजेएम के अंतर्गत पैनलबध्द क्रियान्वयन सहायक एजेंसियों द्वारा ग्राम तुमाकला, दमोदा, खुर्सीडीह, खुरसुल, घुघसीडीह, करगाडीह, अमेरी, रवेली, खपरी, सिलोदा, पिपरछेड़ी, भोथली, तिरगा, टेमरी, सेवती, घुघवा(क), करसा, कोटनी, खिलोराकला में भ्रमण कर जल के महत्व, संरक्षण, सोख्ता गड्ढा, भू-जलस्तर बढ़ाने एवं पानी की बर्बादी रोकने हेतु ग्रामवासियों को विभिन्न माध्यमों से (जन जागरूकता, जल सभा, वॉल पेटिंग, प्रभात फेरी) जागरूक किया गया। यह अभियान जिले के समस्त ग्रामों में चलाया जा रहा है एवं ग्रामवासियों को जल के संरक्षण, गंदे पानी के प्रबंधन आदि विषयों पर जागरूक किया जा रहा है।
