पाटन– राज्यपाल द्वारा सम्मानित शिक्षक कृष्ण कुमार धुरंधर 31/3/2022को शास पूर्व माध्यमिक शाला-सिरसाकला से सेवा निवृत्त हो रहे हैं।9/7/1986मे सहायक शिक्षक के रूप में शासकीय प्राथमिक शाला बहेरा से अपने शिक्षकीय कार्य की शुरुआत की।25अगस्त1992को स्थानांतरित होकर प्राथमिक शाला सिरसा कला में कार्यभार ग्रहण किया।17जनवरी 2011से पदोन्नति के बाद शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला-सिरसाकला में कार्य करते हुए उच्च श्रेणी शिक्षक के रूप आज सेवा निवृत्त हो रहे हैं।उनका शिक्षकीय जीवन छात्रों के प्रति समर्पित रहा।वे बच्चों और पालकों के बीच बहुत लोकप्रिय रहे। कार्य के प्रति समर्पण के कारण 2017मे राज्यपाल के हाथों राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित हुए। समय के पाबंद रहे और अपने विद्यार्थियों को समय का सही उपयोग करने के लिए मार्गदर्शन किया वे पूरे सेवा काल में प्रतिदिन प्रार्थना में शामिल होकर छात्रों को समय पर शाला आने के लिए प्रेरित करते रहे। उनके कार्य का सभी लोहा मानते हैं उनसे प्रेरित होकर अन्य शिक्षक भी समय पर शाला आने लगे। गणित और विज्ञान के प्रति छात्रों में रूचि लेने के लिए कबाड़ से जुगाड़ कर माडलो का निर्माण कर कठिन अवधारणा को सरल बनाने में विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। जनसहयोग से विद्यालय परिसर को आकर्षक बनाया, परिसर को हरा भरा बनाने वृक्षारोपण कार्य, शाला में बच्चों के लिए स्वच्छ जल की व्यवस्था स्वयं और जनसहयोग से पूरा किया। बच्चों को आधुनिक टेक्नोलॉजी के द्वारा शिक्षा देने के लिए स्मार्ट क्लास की स्थापना भी स्वयं के खर्च से किया।श्री धुरन्धर ने अभी भी बच्चो को शिक्षा देने की बात कही है जब बच्चे उनसे हो शिक्षा प्राप्त करने की इक्षा जताई थी
कमजोर छात्रों को सहयोग प्रदान करने वाले इस शिक्षक ने स्वयंसेवी संगठन के माध्यम से छात्रों को गर्म कपड़े का वितरण के लिए प्रयास करते हुए अन्य विद्यालय के छात्र को भी लाभ दिलवाते हुए इस वर्ष 700छात्रो के लिए गर्म कपड़े का इंतजाम किया। भले ही शासकीय सेवा से मुक्त हो रहे है लेकिन श्री धुरन्धर के रग रग में बसे शिक्षा का विस्तार करने की लालसा वे कभी टूटने नही देंगे ,शिक्षा देने ,सरल स्वभाव के धनी श्री धुरन्धर बच्चो को शिक्षा के माध्यम से समाज सेवा को सर्वोपरि मानते है
बच्चो के शिक्षा को माध्यम बनाकर समाज सेवा को उत्कृष्ट मानने वाले शिक्षक आज शासकीय सेवा निवृत्त होंगे
