आज छत्तीसगढ़ शासन के तहत नरवा, गरवा, गुरूवा तथा बाड़ी योजना का लाभ उठाते हुए बिहान के अंतर्गत महिला समूह की सशक्तिकरण मे जानकारी का माध्यम बन रहा है रिलायंस फाउन्डेशन, जिसमे कृषि विभाग तथा कृषि विज्ञान केंद्र के बीच बन रहा है संचार का माध्यम के रूप मे कर रहा है ।
इसी योजना का लाभ उठाते हुए अधुनिक युग की महिलाए अपनी बुद्धिमता से अजीविका चलाने में स्वयं सक्षम है इसी प्रकार एक चमकते सितारे की तरह जय गंगा मैय्या स्वयं सहायता समूह की महिला श्री मति दामनी साहू उभरते हुए सितारे की तरह सामने
आए जो की मातृ शक्ति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है यह कहानी एक छोटे से गांव भेंडरा की है जो एक समूह की महिला दामनी साहू की है जो की कुल 5 सदस्य है स्वयं उनके पति और 2 पुत्री 1 पुत्र है उनके पति कृषि मजदूरी करते है जिससे उनका घर चलाना बढ़ते महंगाई को देखते हुए मुस्किल लग रहा है उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हैं बच्चो की पढ़ाई एवम मकान निर्माण के लिए वह चिंतित रहती थी तभी वह अपनी बाड़ी में बरबट्टी की फसल भी नही हो पाता था इस बीच उनके समूह में रिलायंस फाउन्डेशन द्वारा ऑडियो कॉन्फ्रेंस 14 .07.21 हुआ जिसमे सभी महिलाओं ने अपना अपना खेती बाड़ी संबंधित जानकारी लिए जिसमे श्री मति दामनी साहू जी ने अपने बाड़ी में लगे बरबट्टी की फसल में फल न लगने की समस्या बताई तत्पश्चात डा उगेंद्र पाण्डेय सर जी ने बताया कि सल्फर मेथिन तथा प्रोफेनोफास 200 m.l.150 liter पानी में मिला कर स्प्रे करने को कहा साथ ही किट पतंगों से घरेलू उपचार जैविक मध्यम से कीटो की रोकथाम की जानकारी दी साथ ही साथ रिलायंस फाउंडेशन के टोल फ्री नंबर 18004198800 पर कॉल कर जानकारी लिए और डा साहब ने बरबट्टी की फसल को और व्यापक रूप में करने को कहा पारम्परिक कृषि को छोड़ फसल परिवर्तन की जानकारी दिए उन्होंने 25 डिसमिल जमीन में बरबट्टी की सहकार विराइटी को मिट्टी का मादा बना कर फसल को लगाए जाए जिससे आपके उत्पादन मे वृद्धि होगी ।
उसके उपरांत श्री मति दामनी साहू इस जनकारी का उपयोग करते हुए बताये गए तरीके तथा सलाह का पूर्ण रूप से पालन किया गया जिसमे वह रवि फसल 2021-22 मे 25 डिस्मिल् जमीन मे बरबट्टी लगाई जिससे उसे 30 क्विंटल की पैदावरी 9 से 10 तोड़ाई से बरबट्टी प्राप्त हुआ जिसे 16 रुपया प्रति किलो दर से बेचकर 48,000 रुपए प्राप्त किए जिससे पूरी खर्च 13200 रुपया आया जिसके परिणाम स्वरूप अतिरिक्त आय के रूप में उन्हें 34,800 रू प्राप्त हुए, इस प्रकार वह अपने बच्चो की उज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हुए और अपने आर्थिक स्थिति को धीरे धीरे सुधारने में सजग रही उनकी चिंता दूर हो गई और अंत में उन्होंने अपनी मकान हैं निर्माण किया कृषि विभाग और रिलायंस फाउन्डेशन को धन्यवाद देते हुए भविष्य में इसी प्रकार सुविधा का लाभ लेती रहूंगी कहकर धन्यवाद किया।
महिला समूह की सशक्तिकरण मे जनकारी का माध्यम बन रहा है रिलायंस फाउन्डेशन
