सतीष पारख की रिपोर्ट,,,
रायपुर. महासमुंद के नवनिर्मित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का नाम ” शहीद पंडित विद्याचरण शुक्ल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय” रखा जाना चाहिए। कर्मयोगी वरिष्ठ कांग्रेसी कद्दावर नेता जिन्होंने 9 बार लोकसभा का चुनाव जीता तथा 7 बार लोकसभा का महासमुंद से प्रतिनिधित्व किया, तथा छत्तीसगढ़ को बहुत सारी उपलब्धियां भी उस समय उन्हीं के द्वारा प्रदान करवाई गई थी।श्री विद्याचरण शुक्ल का झुकाव भी चिकित्सा के क्षेत्र में रहा है, उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों को उच्च चिकित्सा सेवा हेतु दिल्ली में हमेशा से ही मदद की थी।
परिषद ने तर्क दिया की अन्य महाविद्यालयों के भी नाम उस क्षेत्र के कर्मशीलों के नाम पर है, जैसे श्री लखीराम अग्रवाल,श्री बलीराम कश्यप, श्रीमती करुणा शुक्ल, राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव ,आदि।
इसलिए इस क्षेत्र की जनता मुख्यमंत्री से उपरोक्त मांग करती है ।उनके नाम से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का नाम होना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
परिषद के महामंत्री राम अवतार देवांगन ने बताया की उपरोक्त विषयांतर्गत 26 मार्च, शनिवार को परिषद के केन्द्रीय कार्यालय शुक्ल भवन बूढापारा रायपुर में सायं 4.00 बजे से आवश्यक बैठक रखी गई है. जिसने प्रदेश के समस्त विद्याचरण के साथियों की उपस्थिति होगी।जहां संघर्ष परिषद और भी गतिविधियों पर कार्ययोजना तैयार करने चर्चा होगी।

