दुर्ग। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणो को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाले तथा स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ के रूप में कार्य करने वाले उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, सुपरवायजर तथा खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी 21 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले गए है जिसके कारण उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर से मिलने वाली सारी सुविधाएं ठप्प हो गई है ।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ ने 21 मार्च से प्रान्त स्तरीय अनिश्चितकालीन हड़ताल बूढ़ातालाब रायपुर में किया गया है जिसमे पूरे राज्य से लगभग पंद्रह हजार ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक महिला पुरूष तथा स्वास्थ्य पर्यवेक्षक ,एलएचव्ही ,खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी हड़ताल पर चले गए है जिससे पूरे राज्य के ग्रामीण स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प हो गई है।
स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ की मांग
स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ अपने छः सूत्रीय मांग जिसमे प्रमुख रूप से ग्रेड पे 2800 करने, वेतन विसंगति दूर करने को लेकर पिछले छः सालों से ज्ञापन , धरना के माध्यम से लगातार शासन तक अपनी बात पहुंचाता रहा है ,वर्ष 2018 में 46 दिन तक लगातार हड़ताल किया था जिसमे 1262 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया था उस समय कांग्रेस पार्टी ने इनकी मांग को अपने जनघोषणा पत्र में शामिल किया था और वादा किया था कि सरकार बनते ही मांग पूरा किया जाएगा लेकिन 3 वर्ष बीत जाने पर भी सरकार ने मांगे पूरा नही किया जिसके कारण कर्मचारियों में आक्रोश है और अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले गए है दुर्ग जिलाध्यक्ष पंकज राठौर ने बताया कि 24 मार्च को सीएम हॉउस का घेराव किया जाएगा जिसमे जिले के अधिक से अधिक हड़ताली कर्मचारी शामिल होंगे।
