लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत पंजीकृत भू-धारक कृषकों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये तीन किस्तों में सहायता राशि प्रदान की जाती है। भारत सरकार द्वारा पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के लिए ई-केवायसी अनिवार्य किया गया है। किसान भाई योजना का लाभ लेने के लिए 31 मार्च तक अनिवार्यतः ई-केवायसी करवा ले, ताकि सहायता राशि मिलने में किसी प्रकार की समस्या न आये। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अभियान चलाकर सभी हितग्राहियों का ई-केवायसी 15 दिवस में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है।
कृषि उप संचालक ने बताया कि योजनान्तर्गत वर्तमान में आधार बेस पेमेंट लागू किया गया है, इस हेतु बैंक खाता में आधार नंबर लिंक होना अनिवार्य है। यदि बैंक खाता में आधार नंबर लिंक नही है तो लोक सेवा केन्द्र व संबंधित में जाकर बैंक खाता को आधार से लिंक करा लेवे। पहले यदि किसी किसान का अकाउंट नंबर गलत रहता था तो उसे विकासखण्ड व जिला कार्यालय के पोर्टल से किसान के आवेदन करने पर सुधार किया जाता था परन्तु उक्त कार्यवाही को भारत सरकार द्वारा पोर्टल मे स्थगित रखा गया है। ऐसे किसान जिनका खाता मे सुधार हेतु लंबित है उन्हे सीधे ई-केवायसी कराने की सलाह दी जाती है। अतः अप्रैल 2022 मेें अगली किस्त प्राप्त करने हेतु किसान भाई बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक कराते हुए ई-केवायसी कराना सुनिश्चित करें। 31 मार्च तक ई-केवायसी नहीं कराने के स्थिति में अप्रैल माह में जमा होने वाली राशि अवरुद्ध हो जावेगी।
पंजीकृत कृषक ई-केवायसी कराने हेतु सीधे पीएम किसान पोर्टल की वेबसाईट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट पीएमकिसान डॉट जीओवी डॉट इन (ीजजचेरूध्ध्चउापेंदण्हवअण्पद) में जाकर आधार लिंक मोबाईल नंबर में ओटीपी प्राप्त कर ई-केवायसी कर सकते है। जिन कृषक भाईयों का आधार में मोबाइल नंबर गलत या ओटीपी प्राप्त नही हो रहा है उन कृषकों को अपने नजदीकी पोस्ट आफिस/लोक सेवा केन्द्र में जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से ई-केवायसी करा सकते है। ई-केवायसी के लिए कृषक भाई अपने साथ आधार कार्ड एवं आधार कार्ड में लिंक मोबाइल नंबर लेकर अवश्य जावंे। लोक सेवा केन्द्र मे ई-केवायसी के लिए भारत सरकार द्वारा 15 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। अतः किसानों भाइयों से अपील है कि 31 मार्च तक ई-केवायसी अनिवार्यतः पूर्ण करा लेवें एवं एवं योजनान्तर्गत मिलने वाली सहायता राशि का लाभ लेवें। योजनांतर्गत अन्य किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए स्थानीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा विकासखण्ड स्तरीय कृषि विभाग के कार्यालय में सम्पर्क कर सकते है।
