भिलाई निगम के बजट पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष की प्रतिक्रिया,,,,बजट में अनुमानित आय और वास्तविक आय के अंतर को संजय दानी ने स्पष्ट किया

भिलाई(न्यूज24कैरेट/सतीश पारख)पालिक निगम भिलाई के पूर्व नेताप्रतिपक्ष संजय दानी ने नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त प्रकाश सर्व के द्वारा वित्तीय वर्ष 2021/22 का संशोधित व वित्तीय वर्ष 2022/23 का अनुमानित बजट महापौर परिषद में प्रस्तुत बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुवे कहा कि,भिलाई नगर निगम ने लगभग 562 करोड़ 32 लाख 70,000 आय का अनुमान किया था,मगर निगम की आय में महज 277 करोड़ 18 लाख 78 हजार रु.आय के रूप में आये जिसके फलस्वरूप निगम अपने लक्ष्य से लगभग 285 करोड़ 13 लाख 92,000 हजार पीछे हो गया,पूर्व नेताप्रतिपक्ष संजय दानी ने कहा कि जब भिलाई नगर निगम अपने स्वयं के कर्मचारियों से tax की वसूली करवाता था तब 80/90% की वसूली होती थी मगर निजी संस्था के द्वारा संपत्ति कर की वसूली में निगम की आय में लगभग 50% की कमी क्यो???ऐसे में निजी संस्था जो वसूली का कार्य निविदा के माध्यम से कर रही है उस पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। पूर्व नेताप्रतिपक्ष संजय दानी ने कहा कि तत्कालीन आयुक्त रामसिंह ठाकुर के द्वारा सभी पार्षदों की सहमति से (निगम संचित-निधि) की व्यवस्था आपातकाल हेतु जरूरत पड़ने हेतु की गयी उक्त संचित निधि में निगम में होने वाली प्रतिदिन की आय की 5% राशि जमा की जा रही थी,वो लक्ष्य लगभग 5 करोड़ रु.का था उसमें भी संशोधित अनुमान के मुताबिक 3 करोड़ 50 लाख रु.ही जमा हो पायेंगे इस तरह लगभग 1करोड़ 50 लाख रु. अपने लक्ष्य से पीछे जा कर संचित निधि में जमा कर पाएंगे संचित निधि में अनुमान के अनुसार 50 से 60 करोड़ रु.जमा थे,वर्तमान की स्थिति निगम प्रशासन बतायेगा, पूर्व नेताप्रतिपक्ष ने इसे सीधे तौर पर प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर और निगम में चुने हुवे जनप्रतिनिधियों के दबाव के कारण उत्पन्न स्थिति हेतु जिम्मेदार माना।संजय दानी ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार निगम की संपत्ति से प्राप्त वार्षिक किराया भाड़ा,भू-भाटक की वसूली नही के बराबर रही,अनुमान के मुताबिक 184 करोड़ 37 लाख रु.आय का अनुमान था मगर महज 7 करोड़ 50 लाख रु. ही निगम कोष में जमा हुवे,यानी देखा जाये तो निगम के अनुमान का 1/2 % भी आय निगम कोष में जमा नही हुई,इसके लिये पूर्ण रूप से जवाबदेही पूर्व महापौर,पूर्व आयुक्त और महापौर परिषद के पूर्व सदस्यों की बनती है,की उन सभी का ध्यान आय से ज्यादा व्यय की ओर अधिक था क्योंकि व्यय होगा तभी सभी की व्यवस्था बनेगी जिसके लिये निगम बदनाम है।पूर्व नेताप्रतिपक्ष ने नवनिर्वाचित महापौर जो वरिष्ठ पार्षद भी थे उनसे जानना चाहा कि निजी एजेंसी के अभियान और संपत्ति कुर्की की चेतावनी देने के बाद भी निगम 74% (TAX) की वसूली कर पाया,पूर्व नेताप्रतिपक्ष ने महापौर श्री नीरज पाल जी से कहा कि भिलाई नगर निगम अपने कर्मचारी अधिकारियों को निर्देशित करें कि निगम छेत्र में निवासरत संपत्ति करदाता,बड़े व्यवसायीगण,औद्योगिक छेत्र,भिलाई इस्पात संयंत्र और अन्य निजी कंपनियों के द्वारा स्व-निर्धारण प्रणाली प्रक्रिया के तहत कितनी राशि संपत्ति कर या निर्यात कर व समेकित कर के रूप में जमा की जाती है उसकी सूक्ष्मता से जाँच अपने स्वयं के निर्देशन में करे वास्तविकता सामने आ जायेगी और निगम की आय में इजाफा भी होगा। पूर्व नेताप्रतिपक्ष ने कहा कि निगम द्वारा संपत्ति के निवारण से प्राप्त होने वाली आय भी अपने निर्धारित लक्ष्य लगभग 100 करोड़ 13 लाख से मात्र 37 लाख 30 हजार में सिमट गयी, वित्तीय वर्ष 2021/22 के संशोधित अनुमान के मुताबिक (tax) वसूली का लक्ष्य लगभग 52 करोड़ 25 लाख था मगर,लगभग 38 करोड़ 74 लाख रु.वसूली कर पाये, पूर्व नेताप्रतिपक्ष ने कहा कि भिलाई नगर निगम जिसकी वास्तविक आय मात्र 100 या 125 करोड़ रु.है जिसमे आय का बड़ा हिस्सा लगभग 25 से 30 करोड़ रु.शहर सफाई में खर्च किया जाता है शहर सफाई कार्य का ठेका रिसाली नगर निगम व भिलाई नगर निगम के अलावा अन्य नगर निगमो में ऐसा ठेकेदार सफाई का ठेका लेता है जिसको सफाई कर्मचारियों के भविष्य निधि का पैसा जमा नही करने पर भविष्य निधि छेत्रिय शाखा रायपुर द्वारा 7/A की नोटिस दी जाती है और भिलाई निगम के उपायुक्त द्वारा भी अनेको बार लिखित पत्र के माध्यम से चेतावनी दी गयी मगर इस सफाई ठेकेदार की कार्यप्रणाली में कोई भी बदलाव नही आया ,इसीलिये दोनों निगमो के छेत्र में गंदगी का आलम व्याप्त है,और हाँ दोनों नगर निगमो में गीले व सूखे कचरे से खाद बनाने का कार्य भी यही ठेकेदार करता है उसका हिसाब किताब कोई भी पार्षद नही लेता की कितना टन खाद बनाया उससे निगम को कितनी आय हुई खाद बनाने के कार्य मे लगे सफाई कर्मचारियों को कितना वेतन प्रतिमाह देता है उनके esi और pf की कितनी राशि जमा करता है,ये कार्य महिला स्व-सहायता ग्रुप से किया जाना था फिर इस ठेकेदार पर विशेष मेहरबानी क्यो???इसकी अघोषित संपत्ति की सूक्ष्मता से जाँच की जानी चाहिये कि कुछ वर्षों में करोड़ो रूपये कैसे कमाये इस ठेकेदार ने,पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का इकलौता चेहता सफाई ठेकेदार है ये बंदा।(सैया भये कोतवाल अब डर काहे का),अधिकारी कर्मचारियों का वेतन,70 वार्डों में आवश्यकतानुसार मूलभूत सेवाएं उपलब्ध कराना विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाना निश्चित रूप से चुनौती का विषय है नवनियुक्त महापौर नीरज पाल के लिये जब तक राज्य परिवर्तित योजनाएं व केन्द्र परिवर्तित योजनाओं एवं केन्द्र सरकार द्वारा आबंटित 15 वें वित्त आयोग की बड़ी राशि भिलाई नगर निगम में नही आयेगी तो वार्डों में विकास करने का सपना देखना मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने जैसी स्थिति है,हमारी शुभकामनाएं नव नियुक्त महापौर जी के साथ है,ऐसा लगता है वे सबका साथ,सबका प्रयास, सबका विश्वास और सबका विकास की अवधारणा को स्वीकार कर राज्य शासन से संचित निधि जो सिटी बस हेतु उपयोग में लायी गई थी लगभग 10 करोड़ रु.और अपने कार्यकाल में भिलाइवासिओं को नवनिर्मित सर्वसुविधायुक्त छत्तीसगढ़ में विशेष पहचान रखने वाला नवीन निगम कार्यालय की सौगात भिलाई की जनता को सौपेंगे दृढ़ इच्छाशक्ति, नियत व नीति को दृष्टिगत रखते हुवे,पुनः हम सब की विशेष शुभकामना आपके प्रथम बजट पेश करने एवं भिलाई की जनता को जलकर,नलकर व संपत्तिकर,समेकितकर व निर्यातकर में विशेष छूट प्रदान कर आमजनता को राहत की उम्मीद दानी ने जताई है।

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