पाटन। वर्ड वाटर डे के अवसर पर जल शक्ति मंत्रालय द्वारा ग्रे वाटर मैनेजमेंट के अंतर्गत वर्चुवल बैठक का आयोजन किया गया, जिसमे जल शक्ति मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत , भारत सरकार के अलग अलग 8 विभाग के मुख्य सचिव सामिल हुए, पंचयतीयराज के मुख्य सचिव द्वारा भी अपनी बात रखी ग्राम पंचायत पतोरा सरपंच ने भी ग्रे वाटर मैनेजमेंट के अंतर्गत ग्राम पंचायत पतोरा में त्रिस्तरीय ग्रे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है जिसमे 100 घरों का ग्रे वाटर नाली के रास्ते प्लांट से फिल्टर होकर तालाब में ले जाया जाता है, रोजाना 2000 से अधिक पानी फ़िल्टर किया जाता है, जिसमे तालाब के पानी में पहले नहाने से खुजली होती थी जो अभी बिलकुल नहीं होती है। तथा पानी भी साफ रहता है।
वाटर एड के द्वारा घरों में सर्वे कर 26 घरों में प्लेट फॉर्म और लीचपिट (सोक्ता गड्ढा) बनाकर घरों का पानी घरों में निपटान किया जा रहा है जिसमे वाटर रिचार्ज बढ़ेगा तथा नाली या रोड में बहने वाले गंदा पानी से भी निपटान हो रहा है एवम कई प्रकार के बीमारी और मच्छर से भी छुटकारा मिलेगा।
ब्लेक वाटर मैनेजमेंट अंतर्गत छत्तीशगढ़ का प्रथम फ़िकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा चुका है सेप्टिक टैंक के 2लाख से अधिक स्लज को उपचारित कर पानी को गार्डन में उपयोग किया जाता है।
गांव के हैंडपंप, सार्वजनिक नल, सोलर पंप में सोंकपिट, लिजपिट (सोंक्तगड्डा) का निर्माण किया गया है, जिससे भूजल स्तर बना रहे।
ग्राम के कच्ची नाली में जंहा बारिश का पानी आता है वंहा पर मनरेगा के अंतर्गत पांच रिचार्ज पीट का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे बातिश के पानी का संग्रहण हो सके।
स्वच्छ्ता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुये हमे घर से निकलने वाले ग्रे वाटर को घर मे ही सुरक्षित ढंग से निपटान करना चाहिये, सभी यही सोचते है कि नालियों का उपयोग ग्रे वाटर के लिए है पर ऐसा नही है नालियों का उपयोग बारिश के पानी के लिए होना चाहिए… जल है तो कल हैं
