- पुलिस अधिकक्षक को भी चार सौ बीसी मामले में मुंगझर सरपंच के खिलाफ दिये आवेदन ….
रोशन अवस्थी@देवभोग। बिते दिनों ग्राम पंचायत मुंगझर के सरपंच के खिलाफ पंचो ने पंचायत के निर्माण कार्य में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ व भ्रष्टाचार को रोकने के लिए देवभोग अनु विभागीय अधिकारी से लिखित शिकायत करते हुए पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच कर तत्काल कार्यवाही करने की अपील की थी ।और सरपंच श्रीमती संजू कश्यप को तत्काल पद से हटाने की मांग भी पंचों ने प्रमुखता से की है।और नवभारत ने इस ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।लेकिन ख़बर के प्रकाशन के बाद भी विभागीय अधिकारियों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की थी और न ही किसी प्रकार की कार्यवाही की।नाराज पंचो ने जिले के उच्च अधिकारियों को शिकायत के लिये मजबुर होना पड़ा।
नाराज पंचों ने ज़िला पहुँच कर कलेक्टर जनदरसन व पुलिस अधीक्षक के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सरपंच के खिलाफ शिकायत की है। प्रमुख रूप से शिकायत में यह आरोप लगाया है कि सरपंच श्रीमती संजू कश्यप के द्वारा पंचायत प्रस्ताव में बिना पंचों की उपस्थिति में फर्जी हस्ताक्षर कर व प्रस्ताव पंजी में बिना सचिव के हस्ताक्षर कर फर्जी तरीके से पंचायत प्रस्ताव तैयार कर उच्च कार्यालय में जमा करने का आरोप भी लगाया है।
19/01/ 2021 के पंचायत प्रस्ताव में सचिव की अनुपस्थिति में सरपंच के द्वारा उप सरपंच मन्नू राम पांडे ,पंच राहुल कश्यप ,सहदेव नेताम का फर्जी हस्ताक्षर कर व फर्जी प्रस्ताव बनाकर ,नक्शा खसरा तैयार कर चेक डैम निर्माण की स्वीकृति करा कर कार्य करने की कोशिश किया गया। लेकिन कारवाही बैठक पंजी में सचिव का हस्ताक्षर ही नहीं है । उप सरपंच व कुछ पंचों का सीधा सीधा कहना है कि ये हमारे हस्ताक्षर नहीं है ।और न ही हम 19/01/ 2021 के पंचायत बैठक में उपस्थित थे। हमारा फर्जी हस्ताक्षर कर प्रस्ताव तैयार किया गया है।
अब सवाल यह उठता है कि बिना सचिव की उपस्थिति में किस प्रकार से पंचायत प्रस्ताव तैयार किया गया। पंचायती राज अधिनियम की बात करें तो किसी पंचायत में शासकीय कर्मचारी सचिव ही पंचायती कार्य का संचालन करता है ।लेकिन यहां तो एक शासकीय कर्मचारी की अनुपस्थिति में सरपंच के द्वारा शासन से धोखाधड़ी कर पंचायत राज अधिनियम 1993 की धज्जियां उड़ाते हुए शासन के साथ चार सौ बीसी करने का प्रयास सरपंच के द्वारा किया गया है ।शासन से धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से कार्य करने के आरोप में सरपंच श्रीमती संजू कश्यप खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए अपने शिकायत पत्र मैं पंचो ने लिखा हैं। ताकि भविष्य में किसी पंचायत के सरपंच के द्वारा शासन से किसी प्रकार की धोखाधड़ी ना कर सके।
अब सवाल यह उठता है कि कार्य क्रम अधिकारी देवभोग के सचिव के बिना हस्ताक्षर किये प्रस्ताव पंजी को देखे बिना ही इस कार्य को कैसे स्वीकृति प्रदान की ।क्योंकि किसी पंचायत के प्रस्ताव व कार्य वहीं पंजी के तमाम कार्य एक सचिव का होता है ।सचिव के द्वारा ही पंचायत के सभी कार्य का निर्वहन होता हैं ।इससे क्या स्पष्ट होता है कि बिना सचिव कि उपस्थिति मैं किस प्रकार का प्रस्ताव तैयार किया गया यह सबसे बड़ा सवाल उठ खड़ा होता हैं।पूर्व सचिव अर्जुन नायक ने अपने बयान मैं यह कह चुके हैं कि मेरे अनुपस्थिति मैं यह तैयार किया गया है और न ही मेरी हेन राइटिंग हैं मैं इससे अनभिज्ञ हूँ। नाराज पंचो ने अब कलेक्टर जन दरसन मैं आवेदन प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
अब सवाल यह उठता है कि कार्यक्रम अधिकारी फर्जी प्रस्ताव व नकल खसरा से किस प्रकार से कार्य की अनुमित दे दी क्योंकि कि प्रस्ताव पंची मैं सचिव के हस्ताक्षर ही नहीं हैं।
