ग्राम पंचायत खुटेरी में नाली निर्माण कार्य में जमकर बरती जा रही है लापरवाही,नाली निर्माण कार्य को ठेका में देकर राशि का किया जा रहा है बंदरबाट

  • जिम्मेदारो द्वारा गुणवत्ता की अनदेखी कर शासन को लगा रहे है लाखो का चूना

परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद

शासन द्वारा विभिन्न विकास व निर्माण कार्य के लिए ग्राम पंचायतों को लाखो रूपए की राशि दे रही है।लेकिन ग्राम पंचायत भ्रष्टाचार का दूसरा नाम बन गया है।आम जनता के हितों के लिए बनाए जा रहे महत्वपूर्ण लाखो रूपए के नाली निर्माण कार्य में सारे नियमो को दरकिनार कर कमिशन का खेल सरपंच सचिव द्वारा खूब खेला जा रहा है।

फिंगेश्वर ब्लॉक के ग्राम पंचायत खुटेरी के सरपंच द्वारा 15 वे वित्त योजना के तहत 5 लाख रूपए की राशि से होने वाले नाली निर्माण कार्य को नियमो के विपरित सेम्हरतरा निवासी ओमप्रकाश साहू को ठेका में दे दिया है।ठेकेदार द्वारा कमीशनखोरी करने और राशि बचाने नाली निर्माण में भारी अनियमितता बरत रहे है और स्टीमेट को ताक में रखकर गुणवत्ताहीन नाली का निर्माण ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है।
नाली निर्माण में होने वाले सरिया को न तो सेंटर प्वाइंट में डाला जा रहा है और न ही स्टिमेंट के तहत बेस किया जा रहा है। राशि का बंदरबाट करने ,सारे नियमो की धज्जियां उड़ाते हुए नाली निर्माण का कार्य जारी है।जिससे नाली निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो रहा है।वही जिस अधिकारी कर्मचारी को इस महत्वपूर्ण कार्य की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दिया गया है।वे भी अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे है। कन्ही ऐसा तो नहीं की इस अधिकारी के देखरेख में नाली निर्माण में कमिशन का खेल चल रहा हो?और तो और निर्माण कार्य स्थल पर किसी भी प्रकार से सूचना बोर्ड नही लगाया गया है।जबकि शासन द्वार स्पस्ट निर्देश दिए है की निर्माण कार्य स्थल पर कार्य प्रारंभ होने से पहले नागरिक सूचना बोर्ड लगाया जाए ताकि आम जनता को पता चल सके की शासन ने किस काम के लिए कितना राशि स्वीकृत किए है।

शासन की निर्देशों की सरपंच सचिव उड़ा रहे हैं धज्जियां

बताना लाजमी है की ग्राम पंचायतों में होने वाले विभिन्न निर्माण व विकास कार्यों के लिए और बेहतर क्रियान्वयन के लिए शासन ने ग्राम पंचायतों को कार्य एजेंसी बनाया है।लेकिन ग्राम पंचायत खुटेरी के सरपंच द्वारा शासन को नुकसान पहुंचाने खुद के कार्य को किसी अन्य को ठेका में दे दिया है।जिससे साफ जाहिर है की अगर कार्य एजेंसी निर्माण कार्य को ठेका में देगा तो कमीशनखोरी होगी और राशि बचाने निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी करेगा।यही खेल इस पंचायत में खूब चल रहा है।वही निर्माण कार्य में स्थानीय मजदूरों से काम लेने के बजाय ठेकेदार द्वारा बेलटुकरी से मजदूर लाया जा रहा है।जिससे स्थानीय पंचायत के मजदूर कार्य एव योजना से वंचित हो रहे है।

पंचायत में हो रहे काम सरपंच को खुद पता नही,इनके कार्यों पर उठ रहे है सवाल

शासन द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पंचायती राज व्यवस्था में भरपूर आरक्षण दे रहे है।लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों की परिवार का पंचायत के कार्य में हस्तक्षेप एक बड़ा रोड़ा बनता जा रहा है। जंहा इस तरह का हाल ग्राम पंचायत खुटेरी में देखने को मिला।ग्राम पंचायत खुटेरी में चल रहे नाली निर्माण कार्य के बारे में जब महिला सरपंच लक्ष्मीदेवी साहू को मीडिया की टीम ने सवाल किया तो कुछ भी जवाब दे नही पाई
उन्हें तो ये भी पता नहीं की नाली निर्माण कौन से मद से बन रहा है और कितनी राशि स्वीकृत हुई है।सरपंच ने निर्माण कार्य की जानकारी के लिए अपने ससुर को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ दिया और इधर उधर फोन से मीडिया को बात करवाने की कोशिश करने लगे।सरपंच ने खुद स्वीकार किया की वे नाली निर्माण के लिए सक्षम नही है इसलिए सेम्हरतरा निवासी ओमप्रकाश साहू को ठेका में दी है।

जब मामले की जानकारी लेने ग्राम पंचायत खुटेरी के सचिव से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया की नाली निर्माण कार्य को जिला पंचायत सदस्य रोहित साहू द्वारा स्वीकृति कराया गया है और उन्ही के द्वारा अपने गांव के ओमप्रकाश साहू को ठेका दिया गया है।उन्होंने आगे ये भी बताया की नाली निर्माण में बरती जा रही अनियमितता को लेकर सब इंजीनियर द्वारा फटकर लगाया था और लापरवाही करने पर मूल्यांकन न करने की चेतावनी दिए थे।वही इस मामले को लेकर तकनीकी सहायक को उनका पक्ष जानने संपर्क करने का प्रयास किया गया ।लेकिन नही हो पाया।

वर्जन

नाली निर्माण मेरे द्वारा स्वीकृत कराया गया था।कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत है ,उसने ठेका दिया होगा तो ये गलत है। खुटेरी पंचायत ने अगर नाली निर्माण के लिए ठेका दिए होंगे तो उनके ऊपर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए।

रोहित साहू,जिला पंचायत सदस्य

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