- शिकायत पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं, ज़िम्मेदारो को आम जनता से नही है कोई सरोकार
परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद
मामला छुरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत साजापाली का है जहा नियम विरुद्ध आबादी क्षेत्र में संचालित पोल्ट्री फार्म से आंगनबाड़ी व स्कूली बच्चों सहित ग्रामीणों के स्वास्थ के ऊपर खतरा मंडरा रहा है।
आदिवासी विकास खंड छुरा में पूर्व जनपद सदस्य खेलन बाई साहु जो दो बार जनपद सदस्य के जि़म्मेदार पद पर रह चुकी है।
जिसके द्वारा बिना एनओसी और सारे नियम को ताक में रखकर पोल्ट्री फार्म का संचालन गांव के अंदर किया जा रहा है।जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने पहले भी की थी पर कार्यवाही नहीं होने की वजह से प्रशासन पर ग्रामीणों का भरोसा उठ रहा है। ऐसे में एक बार फिर 8 मार्च को ग्राम के मोहल्लेवासी और ग्रामीणों ने कलेक्टर गरियाबंद को लिखित शिकायत कर कार्यवाही की मांग किए है।
आपको बता दे की ग्राम पंचायत सजापाली के रहने वाले लक्ष्मीनारायण साहू शिक्षक पिता
प्रीत राम साहू द्वारा बीते लगभग 10 वर्षों से अवैध रूप से भारी मात्रा में पोल्ट्री फार्म का संचालन गांव में किया जा रहा है जिसका ना तो किसी प्रकार से पंचायत एनओसी है नहीं कोई वैध दस्तावेज है । जबकि उक्त व्यक्ति शिक्षक जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन है जो अवैध रूप से पोल्ट्री फार्म रिहायशी इलाके में चलाकर लोगो की स्वास्थ के साथ खिलवाड़ कर रहा है।ऐसे में आसपास के ग्रामीण बीते लगभग 10 वर्षों से इस कदर परेशान है कि फार्म की बदबू और वहां से निकलने वाली मक्खी से पूरा क्षेत्र के ग्राम प्रदूषित हो रहा है हालांकि इसके बारे में समय-समय पर आवाज उठाया गया, पर रसूखदार शिक्षक के परिवार होने की वजह से आवाज केवल गांव में ही दब के रह गया। ऐसे में एक बार फिर ग्राम के हेमंत साहू अपने जनहित के मुद्दे को उठाया और ग्रामीणों की मदद से लिखित मे जिला गरियाबंद कलेक्टर को इसकी शिकायत की है ।बता दें कि पोल्ट्री फार्म से लगभग 100 मीटर की दूरी पर आंगनवाड़ी केंद्र है जहां छोटे-छोटे बच्चे पढ़ाई करते है और पोषण आहार लेते हैं। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य पर कितना बुरा असर पड़ता होगा पर जिम्मेदार पदों पर बैठे उच्च अधिकारी और प्रशासन के नुमाइंदे को इसकी फिक्र नहीं है। छोटे-छोटे बच्चों को पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली दूषित हवा और संक्रमण फैलाने वाले मक्खियों के बारे में कुछ पता नहीं ।वहीं आसपास के ग्रामीण बताते हैं कि जब से पोल्ट्री फॉर्म गांव में बना है तब से हम लोग काफी परेशान हम लोगो का खाना पीना सब हराम हो गया है। पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली मक्खी थाली मे बैठ जाता है ये हमरी बेबसी है की हमारी समस्या को कोई ध्यान नही देता और वही रसूखदार परिवार होने की वजह से इनके ऊपर प्रशासन मे अच्छी पहुंच है जिस वजह से कार्रवाई केवल शासन के एवं अधिकारियों की टेबल तक जाती है पर कार्यवाही नही होता ।
जिस वजह से संचालक पूर्व जनपद सदस्य व शिक्षक के हौसले बुलंद है ।यह केवल एक ही पोल्ट्री फॉर्म नहीं है। ऐसे ही प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला साजापाली के आस-पास बनाया जिससे स्कूली बच्चे काफी परेशान रहते हैं। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद जिला प्रशासन क्या है कार्रवाई करती है या फिर फिर इस बार भी शिकायत केवल फाइलों में धूल खाते पड़ी रह जाएगी।
वर्जन
पोल्ट्री फार्म मेरे नाम से है और लगभग 6-7 वर्षो से चला रही हु।पंचायत द्वारा एनओसी नही मिला है।सरपंच और ग्रामवासियों से सहमति ली हू।पंचायत का एनओसी नही है।
खेलन बाई साहू,पोल्ट्री फार्म संचालिका
