4 साल से ठेकेदार द्वारा भुगतान नहीं करने से आदिवासी किसानों के शोषण से दुखी है ग्रामीण
कांकेर (सतीश पारख उतई दुर्ग)- जिले के कोयलीबेडा में 18 पंचायत व 7 तेंदूपत्ता संग्रहक समितियों के द्वारा तेंदूपत्ता के दर में वृद्धि ना होने पर ग्रामीणों ने आज एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया ।
कोयलीबेड़ा क्षेत्र में आज ग्रामीण धरने में बैठे हुए है ग्रामीणों की मांग है की सरकार तेंदूपत्ता के दर भी वृद्धि करे ग्रामीणों का कहना है की उनका मुख्य आय का साधन तेंदूपत्ता संग्रहण करना ही है परंतु शासन तेंदूपत्ता संग्रहको के प्रति कोई भी रुझान दिखती हुई नजर नहीं आ रही है जिसको लेकर उन्हें आज धरना देना पढ़ रहा है।
ग्रामीण बसंत ध्रुव का कहना है की बीते 4 साल से ठेकेदार के द्वारा तेंदूपत्ता का भुगतान नहीं किया गया है जो किया जाए व अगर इस साल ठेकेदार दर में 150 रुपए वृद्धि नहीं करता है तो इस साल तेंदूपत्ता विक्रय नही किया जायेगा व लगभग 18-60 वर्ष आयु के लोगो को मिलने वाले बीमा जो अभी 2 लाख है उसे 4 लाख किया जाए व तेंदूपत्ता संग्रहण करते समय किसी भी प्रकार का दुर्घटना होता है तब ऐसी स्थिति में 6 लाख दिया जाए
ग्रामीणों ने आज इन मांगों को लेकर आज राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है।
प्रमुख मांगे
- तेन्दुपत्ता सैकड़ा शासकीय दर 550 रू दिया जाय ।
- ठेकेदारी मानक बोरा पर 150 रू दर से दिया जाय ।
- मुंशियों को सायकल भत्ता दिया जाय ।
- मुंशीयों का मानदेय निर्धारण किया जाय ।
- भर्ती प्रति मानक बोरा 150 रू दिया जाय ।
- उल्टाई पल्टाई प्रति 1000 गड्डी में 100 रू दिया जाय ।
- चेकर स्थानीय रखा जाय ।
- जमीन टेक्स प्रतिदिन 500 रू दिया जाय ।
- पानी टेक्स 2000 रू दिया जाय .
- फड़ अभिरक्षक 5000 रू एकमुस्त दिया जाय ।
- 18 से 50 वर्ष संग्राहणकर्ता मुख्या का सामान्य मृत्यु पर 4 लाख दिया जाय ।
- 18 से 50 वर्ष संग्राहणकर्ता मुख्या का दुर्घटना मृत्यु पर 6 लाख दिया जाय ।
- 18 से 50 वर्ष संग्राहणकर्ता सदस्यों का सामान्य मृत्यु पर 1 लाख दिया जाय ।
- नगद भुगतान किया जाय ।
