नो स्मोकिंग डे:मार्च महीने के दूसरे बुधवार को मनाया जाता है

पाटन। धूम्रपान निषेध दिवस या नो स्मोकिंग डे: हर साल मार्च महीने के दूसरे बुधवार को धूम्रपान निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है। कई लोगों की धूम्रपान करने की आदत होती है, इससे स्वास्थ्य को गंभीर खतरे होते हैं। धूम्रपान करने से अक्सर फेफड़ों का कैंसर होता है।
धूम्रपान करने की आदत पड़ जाने के बाद इसे छोड़ना या कम करना लोगों के लिए कठिन होता है। जो लोग धूम्रपान नहीं करते हैं लेकिन धूम्रपान करने वालों के सम्पर्क में आने से उनको भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है। जिससे वे अक्सर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और निमोनिया की बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं।

धूम्रपान के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करने और उन्हें धूम्रपान छोड़ने के लिए प्रेरित करने के लिए, हर साल मार्च के दूसरे बुधवार को धूम्रपान निषेध दिवस मनाया जाता है। इस साल धूम्रपान निषेध दिवस या नो स्मोकिंग डे 09 मार्च को आयोजित किया गया ।
इस साल यानी 2022 का विषय या  थीम ‘धूम्रपान छोड़ने के लिए तनाव नहीं लेना चाहिए’ है। इस वर्ष जो लोग धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं और उन्हें यह बताना चाहते हैं कि इस प्रक्रिया में  तनाव लेने की आवश्यकता नहीं है।
धूम्रपान निषेध दिवस का महत्व
लोगों को धूम्रपान के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने और समय पर इसे छोड़ने में मदद करने के लिए इस दिन की शुरुआत की गई थी। धूम्रपान छोड़ना बहुत समर्पण और प्रेरणा का काम है क्योंकि जो लोग नियमित रूप से धूम्रपान करते हैं, उनके शरीर को इसकी लत लग जाती है। यदि वे धूम्रपान करना बंद कर देते हैं, तो उनका शरीर इस तरह प्रतिक्रिया करता है कि वे तंबाकू के लिए तरसते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के मुताबिक, सेकेंड हैंड स्मोकिंग से हर साल लगभग 12 लाख लोगों की समय से पहले मृत्यु होती है।
इसलिए यह दिन हर किसी के लिए इस घातक आदत को छोड़ने की दिशा में पहला कदम उठाने का एक अच्छा अवसर है। विभिन्न शोधों के अनुसार, यह पाया गया है कि धूम्रपान निषेध दिवस 10  में से 1 व्यक्ति के लिए मददगार साबित हुआ है जो इस बुरी आदत को छोड़ना चाहता था।
बीएमओ डॉ आशीष शर्मा ने बताया कि विकासखण्ड पाटन के हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर्स के सीएचओ ,आरएचओ,द्वारा जनजागरूकता की गई। स्कूलों में चिरायु टीम द्वारा अवेयरनेस किया गया। स्कूली बच्चों द्वारा सामुदायिक जागरूकता की गई।

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