भूपेश सरकार ने अपने चौथे बजट में भी अनियमित कर्मचारियों का किया अनदेखा,,,महासंघ अनियमित आन्दोलन को और उग्र करेगा— गोपाल प्रसाद साहू


लोकेश्वर सिन्हा गरियाबन्द
जिले के प्रांतीय संयोजक छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ ने कहा कि प्रदेश के लाखो अनियमित कर्मचारियों को भूपेश सरकार ने अपने चौथे बजट में भी अनदेखा कर किया निराश किया। इसी प्रकार सदन में माननीय सदस्यों के प्रश्नों पर माननीय मुख्यमंत्री का जवाब संतोष जनक नहीं कहा जा सकता, विगत 3 वर्षों में अनियमित कर्मचारियों का संख्यात्मक जानकारी नहीं जुटा पाना, गठित समिति की बैठक 3 वर्ष में मात्र एक बार होना, महाधिवक्ता से विगत 3 वर्षों में अभिमत नहीं आना अनियमित कर्मचारियों के प्रति एक साजिस प्रतीत होता है। भूपेश सरकार के इस कार्यवाही से छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ निराश और आक्रोशित है और अपने 5 सूत्रीय मांगों को लिए जमीन-आसमान एक कर आगामी समय में अनियमित आन्दोलन को उग्र करेगा।
रवि गडपाले प्रांतीय अध्यक्ष एवं अनिल कुमार देवांगन समन्वयक ने बताया कि यह बजट धोखा का बजट है क्योंकि माननीय मुख्यमंत्री एवं टी.एस. सिंहदेव एवं अन्य कांग्रेस वरिष्ठ जनप्रतिनिधि हमारे संघर्ष के दिनों में हमारे मंच में आये और उनकी सरकार बनाने पर हमें 10 दिवस में नियमित करने का वादा किया। वादे के अनुरूप हमारी मांगों को कांग्रेस के जन-घोषणा (वचन) पत्र “दूर दृष्टि, पक्का इरादा, कांग्रेस करेगी पूरा वादा” के बिंदु क्रमांक 11 एवं 30 में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण करने, छटनी न करने तथा आउट सोर्सिंग बंद करने को स्थान दिया। चुनाव के दौरान अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण को भी कांग्रेस ने प्रमुखता से उठाये थे। माननीय मुख्यमंत्री ने 14 फरवरी 2019 को अनियमित कर्मचारियों के मंच से पुनः इस वर्ष किसानों के लिए, आगामी वर्ष कर्मचारियों के लिए बात कही, अद्यतन 3 वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने के उपरांत भी सरकार द्वारा नियमितीकरण की कार्यवाही नहीं की जा रही है।
सूरज सिंह ठाकुर, अजित नाविक, श्रीमती भगवती शर्मा, सुश्री गेमलता कोसरे, पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों का विगत 04-05 माह का वेतन अप्राप्त होना। निरन्तर विभागों द्वारा वित्त एवं आवश्यकता तथा अन्य कारणों का हवाला देते हुए सेवा से पृथक किया जाना, विगत तीन वर्षों से अनियमित (संविदा) कर्मचारियों का किसी भी प्रकार से वेतन वृद्धि नही किया जाना। विधानसभा में अनियमित कर्मचारियों के प्रश्नों को आग्रहया कर पटल पर न रखते हुए नियमितीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर कार्यवाही को विलम्ब किया जाना से अनियमित कर्मचारी आक्रोशित है।
प्रेम प्रकाश गजेन्द्र, श्रीकांत लास्कर, टीकमचंद कौशिक, तारकेश्वर साहू, टेकलाल पटले, धर्मेन्द्र वैष्णव ने कहा कि सरकार के इस बड़ा खिलाफी से प्रदेश के लाखो अनियमित कर्मचारी/अधिकारी ठगा महसूस कर रहा है तथा अत्यधिक आक्रोशित है। आगामी समय में अनियमित आन्दोलन को समग्र रूप उग्र किया जावेगा।

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