पाटन। महाशिवरात्रि पर्व पर ग्राम धौराभांठा स्थित शिव मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। शिव मंदिर लोगों की आस्था का प्रतीक है। भगवान शिव का यहां पर स्वयं-भू- शिवलिंग विराजमान है। यहां पर पूजा अर्चना कर श्रद्धालुओं को भगवान शिव की असीम कृपा होती है। यहां पर न केवल ग्रामीण बल्कि क्षेत्र के श्रद्धालु भी श्रद्धापूर्वक माथा टेकने व पूजा अर्चना के लिए पहुंचते हैं। हर वर्ष यहां पर शिवरात्रि पर गाँव मे मानसगान प्रतियोगिता का आयोजन होता है।
दुर्ग जिला के पाटन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धौरभाठा सेलूद से जामगांव आर मुख्य मार्ग से 2 किमी पश्चिम दिशा में है। शिवलिंग के बारे में ग्रामीणों ने बतलाया कि लगभग 100 साल पहले गाँव के किसान अपने खेत मे धान की बुआई करने के लिये हल चला रहे थे। इसी दौरान हल में शिवलिंग फंस गया। जिसके बाद उक्त शिवलिंग को किसान द्वारा वहां से हटाने का काफी प्रयास किया गया लेकिन शिवलिंग वहां से टस से मस नही हुआ। किसान द्वारा शिवलिंग के आस पास से मिट्टी हटाये जाने पर शिवलिंग के आकार का पता चला। जिसके बाद यहां पर हर साल शिवरात्रि में रुद्राभिसेक कर विशेष पूजा अर्चना किये जाने लगे। यहां केवल शिवरात्रि महोत्सव ही मनाया जाता था। जिस समय हल में शिवलिंग फंसा था तब उसका आकार काफी छोटा था लेकिन अब शिवलिंग का आकार बढ़ते जा रहा है। अब शिवरात्रि के साथ श्रवण मास महोत्सव व अन्य समारोह मनाए जाते हैं। इसी कारण अब यहां पर हजारों शिवभक्तों की आस्था का केंद्र है।
पाटन क्षेत्र के धौराभांठा के स्वयं-भू- शिवलिंग में महाशिवरात्रि पर होगी रुद्राभिसेक
