विक्रम शाह@कुम्हारी । निकटवर्ती ग्राम अकोला आंनद धाम में रुद्रामहायज्ञ का आयोजन विगत 63 वर्षों से होता चला आ रहा है । रुद्र महायज्ञ का आयोजन प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी किया गया है । यज्ञ पण्डित श्री पवन द्विवेदी द्वारा मंत्रोच्चार के साथ प्रातः काल से आरंभ किया जाता है । पश्चात अंचल के प्रसिद्ध पंडवानी गायक चेतन देवांगन की प्रस्तुति, अंचल के मानस मंडलियों द्वारा श्रद्धालुओं को प्रतिदिन श्री राम कथा का रस पान कराया जा रहा है ।
यज्ञ में पहुँचे धनेश पांडेय ने बताया कि आज से 63 वर्ष पूर्व में काशी प्रयाग राज बनारस व जगत गुरु करपात्री महाराज ने यज्ञ किया था । उन्होंने बताया कि ग्राम अकोला में आजादी के बाद का सबसे बड़ा यज्ञ जगत गुरु करपात्री जी महाराज के द्वारा सम्पन्न हुआ था । आस पास के गांव से धनराशि एकत्रित कर यहाँ मन्दिर का निर्माण जगत गुरु करपात्री महाराज ने अपने हाथों से किया था तब से यहाँ निरन्तर रुद्रमहा यज्ञ हवन पूजा व मेले का आयोजन होता चला आ रहा है । ग्रामीणों ने बताया कि 10 दिनों तक चलने वाले इस भव्य मेला में लोग दूर दूर से मेला देखने आते थे । आनन्दधाम अकोला विराजित बाबा योगेश्वर नाथ अपने आस पास के ग्रामीण अंचलों में प्रसिद्ध मंदिर है । जिसमे दूर दूर से साधु संतों व भक्तों का रेला प्रति दिन लगा रहता है । मंदिर प्रांगण में सभी जातियों का मन्दिर निर्मित है जो कि मेला के अवसर पर अपनी अपनी आस्था के अनुसार पूजा पाठ करने आनन्दधाम अकोला पहुँचते है। बाबा योगेश्वर नाथ आनन्दधाम में सैकड़ों हरे भरे आम के पेड़ लगे होने व धनुष आकार में बहती खारुन नदी लोगों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करती है।