राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके ने किया सन्त समागम का शुभारंभ राजिम मेला का सांस्कृतिक और सामुदायिक महत्व है-सुश्री उइके बेहतर आयोजन के लिए प्रशासन को बधाई

लोकेश्वर सिन्हा गरियाबन्द  त्रिवेणी संगम के तट पर आयोजित राजिम माघी पुन्नी मेला में संत समागम समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन की राज्यपाल सुश्री अनसुईया उईके द्वारा साधु संत के सानिध्य में किया गया। राज्यपाल ने भगवान श्री राजीवलोचन और महानदी की पूजा आरती कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल, ताम्रध्वज साहू व विधायक ने मेला में हथ करघा स्टाल में, छत्तीसगढ़ी सेल्फी जोन में समूह द्वारा राज्यपाल को खुमारी भेंट किया गया। उन्होंने महिला समूहों द्वारा बनाये गए उत्पादन का अवलोकन किया और उनके कार्यो को सराहा।
इस दौरान महिलाओं से आत्मीय चर्चा कर बधाई दी।। वही माघी पुन्नी मेला समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सुश्री उईके ने कहा कि पवित्र नगरी राजिम में आकर अत्याधिक प्रसन्नता हो रही है। राजिम पुन्नी मेले में आए साधु-संतों, श्रद्धालुजनों का मैं हार्दिक अभिनंदन करती हूं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पवित्र नगरी राजिम में आने से हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। यहाॅं न सिर्फ सोंढूर, पैरी एवं महानदी का संगम है बल्कि यहाॅं धर्म अध्यात्म एवं आस्था का भी संगम है। साधु संतो का समागम छत्तीसगढ़ के साथ ही देशभर का आयोजन बन गया है। किसी भी मेले का सामुदायिक और सामाजिक महत्व होता है। उन्होंने आगे कहा की भारत साधु-संतों की भूमि रही है उनके आगमन से पवित्रता को प्राप्त करते है। संतों का जीवन सदैव परोपकार के लिए समर्पित रहता है। उन्होंने कहा कि राजिम पुन्नी मेले का सांस्कृतिक महत्व भी है। इस मेले में लोकनाट्य और लोकनृत्य आयोजन होते रहे हैं। ऐसे आयोजन जनमानस को उनकी प्राचीन परंपराओ से जोड़े रखते हैं और नई पीढ़ी को उसका ज्ञान भी कराते है। सुश्री उईके ने कहा कि राजिम माघी पुन्नी मेला जैसे आयोजन पर्यटकों को अद्भुत अनुभव देने और आकर्षित करने में सक्षम हैं।  राज्यपाल ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने नदियों, सरोवरों और वृक्षों की महत्ता और उनके संरक्षण पर विशेष बल दिया। आज इस बात की आवश्यकता है कि हम अपने पुरखों द्वारा दिखाई गई राह पर चलें और नदियों को तथा अपने आस-पास के वातावरण को साफ तथा प्रदूषण मुक्त बनाए रखें, पौधे लगाएं और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। राज्यपाल ने लोगों से अपील किया है कि कोरोनावायरस बचने के लिए अभी भी सावधानी बरतें और मास्क का उपयोग करें। जो वैक्सीन नही लगाए है वे वैक्सीन जरूर लगाएं।
उन्होंने कहा कि लक्ष्मण झूला का भी शुभारंभ जल्दी होने वाला है, यह प्रयास भी सराहनीय है। उन्होंने साधु संतों को स्मृति चिन्ह भेंट किया।

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