छत्तीसगढ़ राज ठेठवार यादव समाज ने भारत रत्न पद्म भूषण सुर साम्राज्ञी स्वर कोकिला लता मंगेशकर को दी श्रद्धांजलि

दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज ठेठवार यादव समाज के पदाधिकारियों एवं युवा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों द्वारा भारत की शान लता मंगेशकर को याद कर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया | कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन करते हुए सीमित संख्या में पदाधिकारीगण “ठेठवार सदन” में उपस्थित होकर लता मंगेशकर जी के छाया चित्र पर पुष्प व गुलाल अर्पण कर एवं कैंडल जलाकर उनकी उपलब्धियों एवं सुमधुर गीतों को याद करते हुए अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी गई। उक्त अवसर पर लता मंगेशकर के कुछ सुमधुर गीतों क्रमशः ऐ मेरे वतन के लोगों, नाम गुम जाएगा, तुझसे नाराज नहीं, आज फिर जीने की तमन्ना, जिंदगी प्यार का गीत, अल्लाह तेरो नाम, ज्योति कलश छलके, बिंदिया चमकेगी, ऐसा देश है मेरा, ये गलियां ये चौबारा जैसे हिंदी के अलावा 32 भाषाओं में गाए गीतों पर चर्चा हुई। इसी प्रकार उनकी 36 से अधिक उपलब्धियों को याद किया, जिसमें 1969 पद्म विभूषण, 1989 पद्म विभूषण, 1974 में सर्वाधिक गीत गाने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, 1989 दादासाहेब फालके अवॉर्ड, 2001 भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न, 2007 में फ्रांसीसी सर्वोच्च नागरिक सम्मान, इसी क्रम में 1980 में छत्तीसगढ़ खैरागढ़ संगीत महाविद्यालय से डीलिट की उपाधि, 2005 में छत्तीसगढ़ी फिल्म” भकला “के लिए छत्तीसगढ़ी गीत “छूट जाई अंगना अटारी” आदि उपलब्धियों को याद करते हुए पदाधिकारियों ने देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

उक्त अवसर पर संरक्षक शंकर लाल यादव, उमाशंकर यदु, नरेंद्र यदु, अध्यक्ष खेम सिंह यादव, ईश्वर यादव, कोमल यादव, कृष्ण कुमार गज्जू यादव, प्रेमनारायण यदु, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष बीरेन्द्र कुमार यदु, सूर्यकांत यादव उपस्थित थे।

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