मैनपुर क्षेत्र के इंदागांव आश्रित पारा अमली की गलियां हुई सुनी, डेढ माह पहले ही आंध्रप्रदेश कर गए सैकड़ो लोग पलायन पिछड़ी जन जाति कमारजनो के पलायन से सरकारी मशीनरी और योजनाओ पर उठे सवाल

  • विशेष पिछड़ी जन जाति कमारजनो के सैकड़ो की संख्या मे पलायन का हल्ला मचने के बाद ग्राम पंचायत के सचिव ने जनपद मे सौपा पलायन करने वालो की सूची

✍🏻 रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

गरियाबंद/मैनपुर :– एक तरफ राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण रोजगार की तलाश मे पलायन करके अन्य प्रदेश न जाये इसके लिए स्थानीय ग्राम पंचायत के सचिव से लेकर आला अफसरो तक को गांव -गांव मे रोजगार मूलक कार्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए है और प्रत्येक सप्ताह बकायदा जिला और जनपद स्तर मे समीक्षा भी अधिकारियो के द्वारा किया जा रहा है इन तमाम तरह के माॅनिटरिंग के बावजूद गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर क्षेत्र के ग्राम अमली से लगभग 120 ग्रामीण वह भी विशेष पिछड़ी जन जाति कमार आदिवासी रोजगार की तलाश मे आंध्रप्रदेश, हैदराबाद के ईंट भट्टो मे काम करने के लिए डेढ़ माह पहले ही गांव को छोड़कर चले गये है और पलायन कर गये ग्रामीणो के घरो के सामने दरवाजे को ग्रामीणो के द्वारा ईट से पूरी तरह बंद कर दिया गया है कही ताले लगे हुए है। तहसील मुख्यालय मैनपुर से लगभग 40 किमी दूर ग्राम पंचायत इंदागांव और उसके आश्रित ग्राम अमली जो इंदागांव से 15 किमी दूर पहाड़ी के ऊपर बसा हुआ है जंगलो के घिरे यहा निवास करने वाले कमार जन जाति के लोग अभाव और परेशानियो के बीच जिंदगी गुजारने के लिए एक तरह आदि हो गये है उनकी जरूरत बेहद सिमित है ये ग्रामीण दैनिक जरूरतो को पूरा करने के लिए मैनपुर मुख्यालय के बाजार तक बमुश्किल पहुंचते रहे है ऐसे मे यदि पेट की आग बुझाने जंगल को छोड़कर आंध्रप्रदेश तक पहुंच गये है तो यह बात सरकारी मशीनरी के लिए कई सवाल खड़े कर रही है। सरपंच रजमन नेताम ने प्रेस वार्तालाप पर news 24 carate com संवाददाता को बताया 150 कमार जन जाति के लोग पलायन किये है। ग्राम पंचायत इंदागांव के आश्रित ग्राम अमली के ही विशेष पिछड़ी कमार जन जाति से पहली बार इंदागांव के सरपंच चुने गये रजमन नेताम ने मैनपुर पहुंच कर बताया कि ग्राम अमली से आधे लोग पलायन कर गये है 20 -25 घरो मे ताला लगा है । इसकी जानकारी उन्होने एक माह पहले ही सचिव मनोज साहू के माध्यम से जनपद मे देने को कहा था सरपंच रजमन नेताम के अनुसार 150 ग्रामीण जो विशेष पिछड़ी जनजाति आदिवासी कमार है कमार जनजाति के लोग पलायन कर आंध्रप्रदेश चले गये है। सरपंच ने बताया कमार विकास परियोजना के तहत कोई भी विकास कार्य और योजना का लाभ ग्राम अमली के कमार जन जाति के लोगो नहीं मिल रहा है। ओड़िशा के दलाल आये और पलायन कर ले गये, नही लगी प्रशासन को भनक दो वर्ष पहले हजारो की संख्या मे हुआ था क्षेत्र से पलायन, कोरोना काल मे उन्हे लाने छुट गया था पसीना दो साल पहले भी मैनपुर क्षेत्र के ग्राम अमली सहित आसपास दर्जनो ग्रामो से हजारो की संख्या मे ग्रामीणो का पलायन आंध्रप्रदेश हुआ था तब वहां ईंट भट्टो मे बंधक बनाकर मजदूरो को रखे थे उन्हे गरियाबंद जिला के तत्कालीन कलेक्टर श्याम धावड़े के विशेष प्रयास से गरियाबंद जिला एवं आंध्रप्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ईंट भट्टो मे छापा मार -मारकर मैनपुर उनके घरो तक पहुंचाने मे प्रशासन के हाथ पांव फुल गये थे। ग्राम पंचायत इंदागांव के सचिव मनोज साहू ने बताया कि ग्राम अमली से हर साल लोग पलायन कर जाते है यह उनकी आदत है जबकि इस गांव मे कई मनरेंगा योजना के तहत कार्य चल रहे है उन्होने बताया 60 -70 लोग पलायन कर गये है। सचिव मनोज साहू ने बताया ग्राम अमली की जनसंख्या 260 के आसपास है।

क्या कहते है जनपद पंचायत मैनपुर सीईओ-जनपद पंचायत मैनपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूपकुमार ध्रुव ने प्रेस वार्तालाप पर news24 carate.com संवाददाता को बताया ग्राम पंचायत के सचिव मनोज साहू के माध्यम से पता चला है कि ग्राम अमली से 60- 70 लोग जो कमार जन जाति के है वह लोग पलायन कर आंध्रप्रदेश ईंट भट्टे मे काम करने गये है। श्री ध्रुव ने आगे बताया मनरेंगा योजना के तहत ग्राम पंचायत इंदागांव एवं उसके आश्रित ग्राम अमली मे कई कार्य चल रहे है तालाब, भूमिसुधार का कार्य जब गांव मे काम मिल रहा है तो दूसरे प्रदेश पलायन कर जाना गंभीर मामला है।

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