सड़क निर्माण में प्रभावितों को मुआवजे की मांग की लेकर उतई में स्वाभिमान मंच का धरना प्रदर्शन

सरकार व मंत्री विरोधी नारे लगे

लोक निर्माण विभाग
अधिकारियों के रवैए को लेकर जनता के बीच रोष

मुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री के क्षेत्र में अलग अलग नियम की बात कर जताया विरोध

उतई..फोटो..लोक निर्माण विभाग रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा निर्माणाधीन दुर्ग ग्रामीण विधानसभा की निर्माणाधीन सड़कों में प्रभावितों को फूटी कौड़ी मुआवजा नहीं मिलने से प्रभावितों में भारी रोष व्याप्त है। इस विषय को लेकर प्रभावितों द्वारा लगातार क्षेत्रीय विधायक व लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू जिला कलेक्टर अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग में आवेदन देकर मुआवजे की मांग की जा चुकी है ।किंतु इतने के बाद भी ना ही जन प्रतिनिधि और ना ही अधिकारियों के कान में जूं रेंग रही है जिससे लगातार प्रभावितों के बीच आक्रोश पनप रहा है ।जो कभी भी विष्फोटक हो सकता है । प्रभावितों के समर्थन में अब छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच भी मैदान में उतर चुका है जिनका दुर्ग ग्रामीण के अलग अलग क्षेत्रों में धरना प्रदर्शन आंदोलन जारी है ।अंडा में आंदोलन के बाद दूसरे चरण में आज उतई के बाजार चौक में धरना प्रदर्शन कर आंदोलन किया गया।जिसमे स्वाभिमान मंच के रामकुमार गुप्ता सहित स्थानीय माधोलाल साहू सतीश पारख कमलेश गजपाल ढालेश साहू पूरनलाल साहू सहित उतई खोपली घुघसीडीह मचांदूर बोरीगारका के सैकड़ों आवासीय व कृषि क्षेत्र प्रभावित किसान सम्मिलित हुवे। लोगों ने मुआवजे मामले में लोक निर्माण विभागीय अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया उन्होंने कहा कि प्रचलित आबादी पुरानी लगानी है जिसमे अनेक नंबरों को समाहित कर आबादी नाम दिया गया है जिसे लोक निर्माण विभाग द्वारा अतिक्रमण कारी बताकर नोटिस दिया गया तथा मनमानी तरीके तुड़वाने या तोड़ने के लिए मजबूर करना ।विरोध करने पर पुलिस को बुलाकर दबाव बनाना धमकाना जैसी अनेक शिकायतें बताई।साथ ही मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र पाटन विधानसभा में आबादी में प्रचलित व घांस तथा लगानी सभी प्रभावितों को मुआवजा दिए जाने के प्रमाणित पेपर बताते हुवे।लोक निर्माण मंत्री के क्षेत्र के प्रभावितों के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार किया जा रहा है । लोगों ने अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों द्वारा मुलाकात के बाद भी अनदेखी करने पर आंदोलन के माध्यम से अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है फिर भी यदि नेताओं व अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद यदि नही खुलेगी तो उच्च न्यायालय की शरण में जाने की बात कही गई है।
मौके पर नायब तहसीलदार सत्येंद्र शुक्ला व थाना प्रभारी नवी मोनिका पांडे ने आंदोलन कारियो से मुलाकात की तथा उनकी बातों को सुना । लोक निर्माण विभाग द्वारा बिना सीमांकन लोगों की जमीनों को लोक निर्माण की बताना राजस्व रिकार्ड में जमीनों का सड़क के नाम दर्ज ना होना ।प्रशासनिक गुंडागर्दी की ओर इशारा करता हैं।

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