वर्तमान में दुर्ग जिला में कोरोना वायरस के संक्रमण अधिक होने से जहां स्कूल बंद है, वहीं स्कूल बंद होने से बच्चों की शिक्षा-दीक्षा बड़ी समस्या बनकर सामने आ रही हैं। बड़ी कक्षाओं के बच्चों के लिए मोबाइल व अन्य माध्यमों से आनलाईन शिक्षा तो कुछ हद तक राहत प्रदान कर रहे हैं, लेकिन प्राथमिक स्तर तक के गरीब ग्रामीण बच्चों के लिए इसका ज्यादा फायदा होते नहीं देखा जा रहा है। इसके साथ ही साथ दुर्ग जिलाधिकारी द्वारा स्कूलों में आफलाइन परीक्षा आयोजित किए जाने संबंधी आदेश जारी होने पर पालकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई है।
इस बीच शासकीय प्राथमिक शाला कौही में गांव के बच्चों के शिक्षा नींव मजबूत करने के उद्देश्य से शाला प्रबंधन एवं विकास समिति एवं जनप्रतिनिधियों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने शासकीय प्राथमिक शाला कौही बस्ती व भाटापारा बसाहट का संयुक्त आयोजन बुधवार 9फरवरी को आहूत किया गया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने आफलाइन क्लास के अवसर उपलब्ध कराने हेतु संभावनाओं की प्रयास पर जोर दिए।
परिचर्चा आयोजन के पूर्व विद्यालय परिसर में स्थित मां सरस्वती एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मूर्ति की पूजा अर्चना किया गया, साथ ही कौही के प्रथम नागरिक सरपंच आदरणीया श्रीमती मनोरमा टिकरिहा जी के जन्मदिवस पर केक काटकर बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित किया गया।
इस अवसर पर सरपंच मनोरमा टिकरिहा, सचिव द्वारिका यादव, सेवानिवृत्त शिक्षक मंगलूराम देवांगन, प्रधानपाठक राजेन्द्र मारकण्डे, शिक्षक भानू राम साहू, भानमती कुर्रे, विधायक प्रतिनिधि हेमू सोनकर,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा तिवारी, भुनेश्वरी देवांगन,सारदा ठाकुर, संगीता सोनकर,सहायिका पुष्पा तिवारी,राही मारकण्डे, शिक्षा मित्र टेमन निषाद, गंगा राम साहू,सफाई कर्मी महेश मारकण्डे,भूवन ठाकुर सहित शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के पदाधिकारी व पालकगण उपस्थित रहे।


