नई शिक्षा नीति बनेगी परिवर्तन की आधारशिला : डॉ. एच एल वर्मा


नई शिक्षा नीति के संदर्भ में आयोजित परिचर्चा में जुड़े जगन्नाथ विवि, जयपुर के कुलपति डॉ. एच एल वर्मा
आईएसबीएम विवि में वर्चुअल माध्यम से चाय पे चर्चा भाग-2 कार्यक्रम का आयोजन हुआ

लोकेश्वर सिन्हा गरियबन्द
गरियबन्द जिले के छुरा ब्लॉक के आईएसबीएम विश्वविद्यालय के द्वारा चाय पे चर्चा कार्यक्रम का अन्वरत भाग-दो, नवीन शिक्षा नीति पर वर्चुअल माध्यम में चर्चा हुआ। कार्यक्रम के मॉडरेटर विवि डीन डॉ. एन कुमार स्वामी ने कार्यक्रम प्रारंभिक रूपरेखा रखते हुए, चाय पे चर्चा कार्यक्रम के दूसरे कॉन्फ्रेंस में वक्ता जगन्नाथ युनिवर्सिटी के कुलपति प्रो.(डॉ.) एच. एल वर्मा के अकादमिक परिचय एवं उनके द्वारा किये शोध के कार्यों के बारे में सारगर्भित जानकारी पटल के बीच रखा गया। चाय पे चर्चा कार्यक्रम की शुरुआत के संदर्भ में समस्त आईएसबीएम विश्वविद्यालय प्रशासन को शुभकामनाएं देते हुए जगन्नाथ युनिवर्सिटी,जयपुर के कुलपति डॉ. एच एल वर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति की आवश्यकता क्यों हुई, पहले की शिक्षा प्रणाली मूल रूप से सीखने और परिणाम देने पर केंद्रित थी। विद्यार्थियों का आकलन प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाता था। यह विकास के लिए एक एकल दिशा वाला दृष्टिकोण था। लेकिन नई शिक्षा नीति एक बहु-विषयक दृष्टिकोण की प्रासंगिकता पर केंद्रित है। जिसका उद्देश्य विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास करना है। वर्तमान शिक्षा प्रणाली वर्ष 1986 की मौजूदा शिक्षा नीति में किए गए परिवर्तनों का परिणाम है। इसे शिक्षार्थी और देश के विकास को बढ़ावा देने के लिए लागू किया गया है। नई शिक्षा नीति बच्चों के समग्र विकास पर केंद्रित है। उन्हों ने उच्च शिक्षा एवं शिक्षा के 10+2 मॉडल के बजाय 5+3+3+4 मॉडल प्रासंगिक होंगे। अपने ज्ञान की उपयोगिता यही की उसे और जानने के लिए अग्रेषित करे।
आईएसबीएम विवि के कुलपति डॉ. आनंद महलवार ने कार्यक्रम जुड़े मुख्य वक्ता जगन्नाथ युनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. वर्मा के व्याख्यान के लिए आभार व्यक्त किया। वहीं सफल आयोजन के लिए कार्यक्रम संयोजकों को बधाई ज्ञापित किया गया। इस ई-मोड पर आयोजित चाय पे चर्चा कार्यक्रम में विवि कुलसचिव डॉ. बीपी भोल सहित समस्त संकायों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, सहा.प्राध्यापक एवं विद्यार्थीयों की वर्चुअल प्लेटफार्म में उपस्थिति रही।

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