पाटन—महिला व बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपोषण मिशन योजना के आईसीटी आरटीएम घटक अंतर्गत मार्च 2017 में मोबाइल दिया गया था। इससे सभी आंगनबाड़ी परियोजना व जिला मुख्यालय से आन लाइन जुड़ गई इससे केन्द्रों की सतत मानिटरिंग होने लगी आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन समय पर हो रहा है या नहीं, इस पर नियंत्रण होने लगा स्मार्ट फोन के माध्यम से शासन की योजनाओं में अपडेट एवँ विभाग को पेपर लेस करने की योजना रही है जिसे संचालन करते 4 साल बीत गया आगनबाड़ी कार्यकर्ता अब रजिस्टर भरने का काम नही करते केवल स्मार्ट फोन से जानकारी भेजते है जैसे केंद्र खुलने बन्द होने का समय,बच्चो की उपस्थिति,शून्य से 5 वर्ष के बच्चो की कुपोषण की जानकारी,टिकाकरण की स्थिति ,रेडी टू वितरण,गर्म भोजन के स्थिति इत्यादि अनेक जानकारी परियोजना में प्रत्येक 15 दिन में भेजी जाती है लगातार काम एवं 4 साल के लम्बे अंतराल में लगभग सभी फोन खराब हो चुके है कई आगनबाड़ी कार्यकर्ता के पास फोन भी नही है जिससे जानकारी समय पर नही पहुंच पाती तो सुपरवाइजर अपने फोन से सहयोग करती है लेकिन अब खराब फोन की संख्या ज्यादा हो गई है परियोजना को रिपोर्ट की डाटा कलेक्शन में मुश्किल हो रहा है तो परियोजना अधिकारी एवँ पर्वेक्षक कार्यकर्ताओ से घर का फोन का इस्तेमाल करने के लिये दबाव डाल रहे है जिससे कार्यकर्ता परेशान कई कार्यकर्ताओ ने नाम नही छापने के शर्त में बताते है कि कुछ घरो में तो स्मार्ट फोन ही नही है जिसके घर मे है तो एक ही है तो कैसे घर का मोबाइल उपयोग करें
सुमित गण्टेच, परियोजना अधिकारी महिला एवँ बाल विकास विभाग पाटन ने जानकारी देते हुए बताया कि पोषण अभियान के अंतर्गत छतीसगढ़ शासन ने अब मोबाइल खर्च देने का निर्णय लिया है जिसके अंतर्गत अब मोबाइल के लिये प्रत्येक माह 500 रुपये प्रदान किये जायेंगे जो अप्रैल 2021 से देय होगाएवं रिचार्ज के लिये 200 रुपये प्रदान किये जायेंगे जो दिसम्बर 2021 से देय होगा श्री गण्टेच ने बताया कि शासन द्वारा किसी एक कम्पनी का सिम उपलब्ध कराने से किसी गांव में कव्हरेज नही होने से परेशानी होती थी अब शासन द्वारा यह तय किया गया है कि मोबाइल एवं रिचार्ज के लिये राशि निर्धारित कर दीं गई है जिससे जिसके पास जिस कम्पनी का सिम हो रिचार्ज करवा सकते है श्री गण्टेच ने कहा कि यह राशि तभी जारी किया जाएगा जब मोबाइल में 21 या 21 दिन से अधिक की एंट्री दिखेगी ,,,,
