छुरा ब्लॉक के गायडबरी और ओनवा में सार्वजनिक शौचालय निर्माण में जिम्मेदारो की मनमानी,घटिया निर्माण सामग्री से निर्माण कार्य है जारी

  • शासन के नियम और निर्देशों की सरपंच,सचिव और इंजीनियर उड़ा रहे है खुलेआम धज्जीया ,प्रतिबंध के बाद भी लाल ईंट का हो रहा है जमकर उपयोग

परमेश्वर कुमार साहू@गरियाबंद। जिले के आदिवासी बाहुल्य ब्लॉक छुरा में निर्माण कार्य का बुरा हाल है।जिम्मेदार अधिकारियों और सरपंच की लापरवाही शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को बंटाधार करने में लगे है।कमिशन के चक्कर में अधिकारियों और कार्य एजेंसी ग्राम पंचायतों द्वारा जमकर मनमानी बरतते हुए मानकों के विपरित गुणवत्ताहीन व घटिया निर्माण का कार्य खूब चल रहा है।लेकिन मॉनिटरिंग के लिए जिम्मेदार पद पर बैठे उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियो को शासन की महत्वपूर्ण कार्यों सहित इन्हे आम जनता से कोई सरोकार नहीं है।

आदिवासी ब्लॉक छुरा के ग्राम पंचायत गायडबरी में शौचालय निर्माण कार्य में सरपंच ,सचिव और इंजीनियर द्वारा गुणवत्ता की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।सार्वजनिक शौचालय निर्माण में गायडबरी के सरपंच ,सचिव द्वारा घटिया क्वालिटी के लाल ईंट का उपयोग करवा रहे है।जिसमे इंजीनियर की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता।इंजीनियर की देखरेख में ही गायडबरी पंचायत में लाखो की राशि से हो रहे सार्वजनिक शौचालय में जमकर अनियमितता बरती जा रही है। जंहा थर्ड क्वालिटी के ईंट का इस्तेमाल निर्माण कार्य में हो रहा है।ईंट इतना खराब है की पूरा टूट कर निर्माण कार्य के चारो ओर फैला हुआ है।जिसे इस तस्वीर से अंदाजा लगाया जा सकता है।

इसी तरह का हाल पूरे ब्लॉक में विभिन्न निर्माण कार्यों का है।वही ग्राम पंचायत खैरझिटी के आश्रित ग्राम ओनवा में चल रहे सार्वजनिक शौचालय निर्माण में उपयोग हो रहे लाल ईंट को देखकर आपके होश उड़ जायेंगे। जहा इतना घटिया लाल ईंट का उपयोग निर्माण कार्य में किया जा रहा है जो पानी पड़ते ही घुलकर मिट्टी की तरह जमीन में बैठ गया है।वही निर्माण कार्य में मिट्टी युक्त खराब रेत का इस्तेमाल भी जोरो पर है।इस कार्य की देखरेख के लिए जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है उन्ही के देखरेख में कमिशन के चक्कर और भ्रष्टाचार करने खराब मटेरियल से गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य का खेल खूब चल रहा है।

जिम्मेदार कर रहा है शासन के निर्देशों की अनदेखी

आपको बता दे की शासन द्वारा शासकीय निर्माण कार्यों में लाल ईंटों को पूर्ण रूप से प्रतिबंध करने और निर्माण कार्यों में फ्लाई ऐश ईंट का उपयोग करने के निर्देश दिए है।लेकिन शासन के नुमाइंदे ही खुद सरकार की बात मानने को तैयार नहीं है और उनके आदेशों को उनके अधिकारी और कर्मचारी ठेंगा दिखा रहे है।जिसके चलते जिले में भर में निर्माण कार्यों में अनियमितताओ का दौर लगातार जारी है।वही निर्माण कार्य स्थलों पर किसी भी प्रकार से नागरिक सूचना बोर्ड नही लगाया गया है।जबकि शासन का सख्त निर्देश है की कार्य प्रारंभ होने से पहले निर्माण कार्य स्थल पर नागरिक सूचना बोर्ड लगाया जाए ताकि आम नागरिकों को पता चले कि शासन किस काम के लिए कितनी राशि प्रदान की है।लेकिन जिम्मेदार पद बैठे अधिकारी को गद्देदार कुर्सी छोड़कर एसी रूम से बाहर निकलकर झांकने तक की फुर्सत नही है।जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठना लाजमी है।इस मामले को लेकर इंजीनियर लक्ष्मीकांत साहू, गायडबरी सचिव हरिश्चंद्र ध्रुव और खैरझिटी के सरपंच सचिव को उनका पक्ष जानने फोन किया गया लेकिन किसी भी जिम्मेदार ने फोन नहीं उठाया।

वर्जन

हा मैंने ईंट को डिस्पोज करने बोल दी थी। वहा पर ईंट बरसात में पूरा खराब हो गया है।तो जो कांट्रेक्ट बना रहा है उसको बता दिया गया है की पूरा ईंट को चेंज किया जाए।छुरा में तो लाल ईंट का इस्तेमाल होता है।छुरा में कही पर देखोगे ग्राम पंचायतों में तो 90 प्रतिशत लाल ईंट का इस्तेमाल होता है।फ्लाई ऐश ईंट को बढ़ावा तो दिया गया है लेकिन यहा स्थिति अलग है। फिंगेश्वर जैसा क्षेत्र होता तो बात अलग हो जाती है।हम तो बोलते है की फ्लाई ऐश ईंट लाइए।लेकिन उपलब्ध नहीं करा पा रहे है तो क्या कर सकते है।आप ओनवा के जिस शौचालय को बोल रहे हो वो एक महीने से उसका काम बंद था।अभी दो चार दिया हुआ है कार्य प्रारंभ हुए। ईंट के वजह से काम बंद करवाया गया था।

ज्योति साहू,तकनीकी सहायक

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