परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद
स्वास्थ विभाग में एक बड़ा फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है।जिसका खुलासा सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेज के आधार पर हुआ है।जिसमे भर्ती प्रक्रिया में जमकर गड़बड़िया कर अपात्र लोगो की नियुक्ति कर दी गई।सूत्र बताते है कि इस दौरान बड़े पैमाने पर लगभग 500 बहुउद्देशीय महिला एंव पुरुष स्वास्थ कार्यकर्ता की नियुक्ति हुआ था।जिसमे लाखो का लेनदेन कर अपात्र लोगो की नियुक्ति कर बड़ा गोलमाल किया गया है।
आपको बता दे कि इसी फर्जीवाड़ा नियुक्ति में गरियाबंद जिले के पांडुका क्षेत्र के कुछ महिला व पुरुष स्वास्थ कार्यकर्ता की भी नियुक्ति पांडूका क्षेत्र सहित जिले के विभिन्न ब्लाकों में हुई है।जिसकी बहुउद्देशीय स्वास्थ कार्यकर्ता नियुक्ति विज्ञापन जारी होने के समय न तो उनकी एएनएम की पढ़ाई पूरी हुई थी और न ही काउंसिलिंग के समय उसका नर्सिंग काउंसिलिंग में किसी भी प्रकार का पंजीयन था।इतना ही नहीं आवेदन के समय अपने आवेदन पत्र में स्पष्ट जानकारी भी नही दिया गया है।सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेज में इनकी भर्ती प्रक्रिया में कोई भी दस्तावेज सही नही है।इनकी नियुक्ति केवल पैसों के दम पर हुआ है।जो वास्तविक में पढ़े लिखे बेरोजगारों के मुंह में तमाचा मारने जैसे है।
दिलचस्प बात ये है कि जिस समय काउंसिलिंग हुआ उसके ठीक तीन दिन बाद कुछ फर्जी महिला स्वास्थ कार्यकर्ता द्वारा एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया है और एएनएम भर्ती में अपने मेरिट नंबर बताते हुए साफ लिखा है की आवेदन के समय मेरा नर्सिंग काउंसिलिंग में पंजीयन नही हुआ था ।जो निर्धारित समय के तीन दिन बाद प्राप्त होना बताते हुए अपने आवेदन में सम्मिलित करने का निवेदन किए है।
इतना ही नहीं आवेदन के समय आवेदन पत्र में अपने एएनएम पढ़ाई के बारे में न तो कोई जानकारी भरे थे और न ही सेकंड सेमेस्टर का मार्कशीट जमा किए थे।जो की आवेदन का समय समाप्त होने के बाद आवेदन देकर अपना एएनएम सेकंड सेमेस्टर का मार्कशीट सम्मिलित करने का आवेदन लिखित में दिए है।इस तरह कुछ महिला व पुरुष स्वास्थ कार्यकर्ता द्वारा तत्कालीन जिम्मेदार और लापरवाह अधिकारियों के साथ सेटिंग कर अपना नियुक्ति करवा लिया।जो इसकी नियुक्त की सारी प्रमाणित दस्तावेज News24 Carate के हाथ लगा है।जिसको लेकर पहले भी खबर प्रकाशन किए थे।इस मामले को लेकर जब एक्सपर्ट को इन दस्तावेजों का हमने अवलोकन कराया तो उन्होंने इसे फर्जी और एक बड़ा मास्टरमाइंड के साथ सरगना करार दिया।वही खबर प्रकाशन के बाद उक्त कुछ फर्जी महिला स्वास्थ कार्यकर्ता बौखला गई है और अभी से ही कोर्ट की जाने की बाते लोगो के पास कर रही है।जिसकी जानकारी लगातार मिल रही है।हालांकि अभी तक उस फर्जी महिला स्वास्थ कार्यकर्ता के नाम उजागर नहीं किया गया है।क्योंकि बहुत सारे पहलुओं पर अभी भी पड़ताल जारी है।जिसको जल्द ही नाम सहित उजागर कर समाज के सामने इस फर्जी काम के सरगनाओ के कारनामों को सार्वजनिक किया जाएगा और जल्द ही बड़ा खुलासा किया जाएगा।
