कांकेर.बस्तर कई देशी चीजों के लिए जाना जाता है, बस्तर का प्रवेश द्वार कांकेर जिले के चारामा विकासखंड से प्रारंभ होता है, इसी विकासखंड के जंगलों में तरह-तरह की वनौषधि प्रजातियां पाई जाती है तो ऐसे कंद, मूल, फल की मन भर आए ।चारामा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बासनवाही का आश्रित ग्राम है भुईगांव की महिलाएं महुए से लड्डु बनाने का कार्य कर रही है। लड्डु बनाने के बाद उसे सिल्वर पेपर से पैक भी किया जा रहा है, जिससे यह लोगों को आकर्षित कर रहा है। इन दिनों चारामा विकासखंड में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका केंद्र के मार्गदर्शन और सभी समूहों की सहभागिता व मेहनत रंग ला रही है। महिला बाल विकास विभाग की सक्रियता के चलते नव रोजगार सृजन की ओर महिलाएं उन्मुख हुई है। महुए से बनाए गए इस लड्डु में जिसमें तिल, गुड व अन्य सूखे मेवा सामान भी डाला जाता है, खास कर महिलाओं के लिए लाभप्रद बताया जा रहा है, क्योंकि एनीमिया जो खून की कमी के चलते होता है, इस लड्डू के सेवन से निश्चित रूप से लाभ होता है। इसकी खासियत को जानकार मनोज मंडावी विधानसभा उपाध्यक्ष व स्थानीय विधायक नेे तकरीबन 600 लड्डु तीन हजार रूपये में खरीद कर ले गए। क्षेत्रीय विधायक मनोज मंडावी ने बताया कि इसे वे रायपुर ले जाकर इसकी खासियत के बारे में अन्य लोगो को भी बताएंगे। क्या कहते हैं जानकार
राजेंद्र आर्युविज्ञान संस्थान रांची में प्रीवेंटिव एंड सोशल मेडीसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कश्यप बताते हैं कि महुए में रिच आयरन के अलावा कार्बोहाइड्रेट्स और भरपूर खनिज भी होते हैं.
वो कहते हैं, “बिना फ़रमेंटेशन अगर गुड़, बादाम, तिल डालकर लड्डू बनाए जा रहे हैं तो बेशक सेहतमंद होंगे. बढ़ते बच्चों, ख़ासकर लड़कियों और महिलाओं के स्वास्थ्य में ये बहुत लाभकारी हो सकता है क्योंकि राज्य में एनीमिया एक बड़ी समस्या है.”उन्होंने बताया कि महुआ में कार्बोहाईड्रेट, प्रोटीन, अनेक प्रकार के विटामिन, खनिज, मैग्निशियम, सोडियम, पोटेशियम, काॅपर, जिंक, कैरोटीन, थायमिन सहित कई माईक्रो और मेक्रो न्यूट्रेंश मौजूद रहते हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है। इसका उपयोग शक्तिवर्द्धक के तौर पर भी किया जा सकता है।
विटामिन से भरपूर है महुआ
महुआ में विटामिन ए, विटामिन सी की अधिकता के कारण यह आंखो की रौशनी एवं त्वचा रोग में भी असरकारी है। इस फल में आयरन की प्रचुरता होने के कारण यह शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा, मानसिक तनाव, हृदय की बीमारी, भूख बढ़ाने तथा शरीर में अतिरिक्त वसा को भी कम करता है। चूंकि इसके फलो में प्रोटीन 5.8 ग्राम, वसा 16.97 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट 66.76 ग्राम होती है। साथ ही इसमें अन्य विटामिन जैसे कैरोटिन, थायमिन (बी-1), विटामिन सी, राइबोफेमिन (बी-2) एवं अन्य तत्व मैग्नीशियम, जिंक, कापर इत्यादि भी है जो बढ़ते हुए बच्चों के लिए आवश्यक होते है। कुल मिलाकर यह फल एनीमिक महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों के लिए उपयोगी सिद्ध है।
