- महिलाओ के नाम पर फर्जी हाजिरी डाल ,कर लिया राशि का आहरण,साहब तो चले गए पर अपना कारनामा छोड़ गए
परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद
गरियाबंद। जिले के पाण्डुका वन परिक्षेत्र अंतर्गत बीते वर्ष 2020-21 में छिंद खरपतवार उन्मूलन लेंटाना के तहत परिक्षेत्र के सभी बिटो में यह कार्य हुआ था।जिसमे भारी गड़बड़ी की गई है।जो लोग इस कार्य में नहीं गए थे उनका भी फर्जी हाजिरी डालकर लाखो रूपए की राशि आहरण कर लिया गया है।जिसके कई अहम सबूत मीडिया के हाथ लगा है।जिसे पुख्ता करने वन परिक्षेत्र कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगा गया था।लेकिन जिम्मेदार परिक्षेत्र व जन सूचना अधिकारी द्वारा अपना खुद का नियम बनाकर जानकारी नहीं दिये।जिसको लेकर प्रथम अपीलीय अधिकारी वनमण्डलाधिकारी गरियाबंद को किया गया था।लेकिन जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारी द्वारा नियम का हवाला देकर जानकारी नहीं दिया गया।जिसके चलते सूचना के अधिकार कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ रही है।अब इस मामले को लेकर राज्य सूचना आयोग को शिकायत की गई है।
आपको बता दे की पाण्डुका वन परिक्षेत्र अंतर्गत हुए इस कार्य में जमकर राशि का दुरुपयोग तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारी सहित बिटगार्ड व डिप्टी रेंजरों द्वारा किया गया है।जिसमे लाखो रूपए का व्यारा न्यारा महिलाओ सहित पुरुषो के नाम पर फर्जी हाजिरी डालकर किया गया है और कार्य स्थलों पर लापरवाहो द्वारा अभी तक किसी भी प्रकार का सूचना बोर्ड नही लगाया गया है।जबकि शासन द्वारा पारदर्शिता लाने कार्य स्थलों पर नागरिक सूचना बोर्ड लगाने साफ निर्देश दिए है।वैसे भी जिले का यह वन परिक्षेत्र कार्यालय अपने अजब गजब कारनामों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहता है।वही पूर्व रेंजर साहब तो ट्रांसफर होकर चले गए लेकिन अपने पीछे वह अपना कारनामा छोड़ गए जो इन दिन सुर्खिया बटोर रही है।
महिलाएं काम पर गई ही नहीं और डल गया हाजिरी
तत्कालीन अधिकारी और उनके बिट गार्ड,फड़ मुंशी और चौकीदार ने आपस में मिलीभगत कर महिलाओ के नाम पर फर्जी हाजिरी डाल लिया।जबकि इस कार्य में महिलाए गई ही नहीं है।क्योंकि जब पूरे परिक्षेत्र में ये कार्य चल रहा था तो हमारी मीडिया की टीम ने सभी जगहों का पड़ताल किया था पर वन्हा पुरुष मजदूरों के आलावा महिलाए नजर ही नहीं आया था,पर कैसे कुटरचना कर लाखो रूपए महिलाओ के खातों में ट्रांसफर करवाया गया फिर उसे आहरण करवाकर खाता धारकों को 5 सौ व हजार रूपए पकड़ा दिया गया और बाकी रकम हड़प कर लिया गया।जब इस बात की चर्चा क्षेत्र में होने लगी और जब शिकायत होने लगी तो साहब कार्यवाही के डर से अपना स्थानांतरण गुप चुप तरीके से करवा लिया।पर कहावत है की अनियमितता कभी छुपता नही है जो आज सामने निकलकर आ रहा है। जन्हा आज उनके काले कारनामे उजागर हो रहा है।जब साहब को मामले में पूछा जाता है तो साहब पल्ला झाड़ने लग जाते है।
