परमेश्वर कुमार साहू,धमतरी
धमतरी। प्राकृतिक आपदाओं, कीट और रोगों के परिणामस्वरूप फसल खराब होने पर किसानों को कवरेज और आर्थिक मदद देने के उद्देश्य से फसल बीमा योजना का लागू किया गया। भाजपा आदिवासी नेत्री एवं जिला पंचायत सदस्य अनीता ध्रुव ने कहा कि फसलों में नुकसान के अंदेशे को लेकर किसान हर वर्ष बुवाई की जाने वाली फसलों का बीमा करवाते हैं, ताकि खराबे के दौरान इन्हें उचित मुआवजा मिल सके। वहीं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों सहित धमतरी जिला में माह नवम्बर और दिसम्बर में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि होने से सैंकड़ों किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, इस पर पटवारी द्वारा फसल खराब होने की रिपोर्ट भी दी थी, लेकिन अभी तक बीमा राशि नहीं मिली है। ऐसे में ऋण लेकर खेती करने वाले किसानों की हालत खस्ताहाल है। राशि नहीं मिलने से किसान ऋण चुकाने में भी असमर्थ महसूस कर रहे हैं। भाजपा आदिवासी नेत्री एवं जिला पंचायत सदस्य अनीता ध्रुव अपने समर्थकों एवं किसानों को साथ कुकरेल तहसील पहुंच कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम तहसील कुकरेल के तहसीलदार राधाकृष्ण बंजारे को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि फसल कटाई के दौरान भारी वर्षा होने के कारण किसानों की खरीफ फसल को काफी नुकसान हुआ है जिसका किसानों को फसल बीमा राशि तत्काल प्रदान करें। किसानों को बीमा क्लेम नहीं मिलने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा हैं। किसानों को तय सीमा में क्लेम की राशि का भुगतान मिलने पर ही आगामी फसल की बुवाई संभव हो पाएगी। अनीता ध्रुव ने ज्ञापन में यह भी मांग किया है कि किसानों को डीएपी खाद की अंतर राशि भी शीघ्र भुगतान करें। उन्होंने कहा कि देश में यूरिया के बाद सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली खाद डीएपी के दाम 1200 रुपये से 1850 रुपये तक पहुंच गया था। इससे परेशान किसानों को मोदी सरकार ने बड़ी राहत देते हुए डीएपी को 1200 रुपये प्रति कट्टे के पुराने मूल्य पर ही दिया गया। जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि सोसायटी प्राथमिक सहकारी समितियों में किसानों के द्वारा डीएपी खाद प्रति बोरा को 1850 रूपये में खरीदा था, लेकिन बाद में डीएपी खाद कि कीमत प्रति बोरा 1200 रूपये की गई, जिसका अंतर की राशि प्रति बोरा 650 रूपये को सरकार किसानों के खाते में डालने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक प्रति बोरा अंतर राशि 650 रूपये नही दिया गया है। अनीता ध्रुव ने बताया कि धमतरी जिला में करीबन 58 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के द्वारा किसानों को लगभग 3 करोड़ बोरा डीएपी खाद की विक्रय किया गया है जिसमें लगभग 1 करोड़ 50 लाख डीएपी खाद बोरा की अंतर राशि किसानों को नही दिया गया है। अनीता ध्रुव मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए फसल बीमा राशि एवं डीएपी के अंतर राशि को अतिशीघ्र भुगतान करने की मांग की है।
