✍? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
गरियाबंद। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी निलेशकुमार क्षीरसागर ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिले में धारा 144 लागू कर दी है। अब जिले में सामाजिक धार्मिक एवं राजनीतिक रैलियों पर रोक लग गई है। इसके अलावा होटल्स, सिनेमा हॉल जैसे स्थानों पर भी एक तिहाई लोग ही एकत्रित हो पाएंगे। इसके अलावा कई और प्रतिबंध लागू हो गए हैं।
जारी आदेश अनुसार जिला गरियाबंद राजस्व सीमा अंतर्गत किसी भी प्रकार के आयोजन रैली , सामाजिक/धार्मिक, पर्यटन स्थल एवं खेलकुद आदि से संबंधित वृहद् आयोजन व जन समुदाय के एक स्थान पर एकत्रित होने पर प्रतिबंध किया गया है। जिले के अंतर्गत सभी होल-सेल दुकानें, जिम, होटल, रेस्टारेंट , स्वीमिंग पुल, आडिटोरियम मैरिज हॉल एवं अन्य आयोजन स्थलों को आगामी आदेश तक एक तिहाई क्षमता के साथ संचालित किया जायेगा।दुसरे राज्यों से जिले में प्रवेश करने वाले आगन्तुकों को कोरोना वायरस संक्रमण की अत्यधिक संभावना को दृष्टिगत रखते हुए सीमा नाके पर रेंडम जांच हेतु आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए।
विदेश से आने वाले नागरिक आगमन की सूचना निकटस्थ स्वास्थ्य केंद्र ,जिला कंट्रोल रूम एवं संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी को आवश्यक रूप से देने तथा इस संबंध में राज्य शासन स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित कोविड नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। समस्त विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि आगामी आदेश तक अनावश्यक बैठक आयोजन नहीं करने, अत्याधिक आवश्यक होने पर सीमित संख्या में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए अथवा विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक का आयोजन करने। समस्त दुकान संचालक एवं ग्राहक को व्यवसाय के दौरान मास्क का उपयोग करना अनिवार्य रहेगा।
उल्लंघन किये जाने पर संबंधित क्षेत्र के नगरीय निकाय के अधिकारी राजस्व विभाग व पुलिस विभाग के सहयोग से चालानी कार्यवाही सुनिश्चित करने। सभी संचलित दुकानों में निःशुल्क वितरण अथवा विक्रय हेतु मास्क रखना तथा दुकान में कार्यरत कर्मचारियों एवं ग्राहकों के उपयोग हेतु सेनिटाईजर रखना अनिवार्य होगा। दुकान के बाहर ग्राहकों के मध्य दो गज की दूरी बनाये रखने के लिए गोल निशान बनाकर चिन्हांकित किया जाना अनिवार्य होगा। जिला स्तर के नागरिकों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिसका दूरभाष कमांक 07706-241288 है।
यह आदेश अल्प समयावधि में लागू किया जाना अत्यावश्यक है। वर्तमान परिस्थितियों में आदेश से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों को सम्यक समय में तामील संभव नही होने के कारण यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया जाता है। उपरोक्त आदेश के उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/प्रतिष्ठान , भारतीय दंड प्रक्रिया सहिंता 1860 के धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51-60 या अन्य सुसंगत विधि अनुसार कड़ी कार्यवाही की जावेगी।

