गंभीर बीमारी से जूझ रही बालिका के परिवार को प्रशासनिक मदद का है इंतजार

✍? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

गरियाबंद। जिला के विकास खंड छुरा क्षेत्र के ग्राम हीराबतर में रहनेवाली 19 वर्षीय कु.भुनेश्वरी का है जो बचपन से एक गंभीर हालत में जीवन जीने को मजबूर है।जिनका हाथ पैर नहीं चल पाता है और नहीं बात कर पाती एक जगह खाट में लेटी रहती है उनको एक जगह से दूसरे जगह उठा कर घर के लोग ले जाते हैं खाना खिलाने पर खा पाती है अपने आप वह पानी भी नही पी सकती पानी भी पीना है तो घर के लोग पिलाते हैं।उनकी यह हालत बचपन से है उनके परिजन आस पास इलाज कराये लेकिन ठीक नहीं हो पाया और लंबा ईलाज हेतु बाहर ले जाने के बात पर आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के चलते बाहर ईलाज नहीं करा पाये। इनके पिता शंकर सिंह से बात करने पर News24carate.com संवाददाता को बताया कि मेरा कोई पुत्र नहीं है मैं और मेरी पत्नी इनकी देखभाल करते हैं लेकिन एक ही आदमी काम पर जा पाते हैं एक को इनकी देखभाल के लिये घर पर रहना पड़ता है मेरी पत्नी गांव के ही स्कूल में खाना बनाने का काम करती है और मैं इनका देखभाल में रहता हूं लेकिन एक की कमाई में घर परिवार नहीं चल पाता है जिससे हम बहुत मुश्किल से गुजारा कर पाते हैं।
उनको एक चिंता और सताती रहती है कि उनके वृद्ध हो जाने या नहीं रह पाने के बाद उस दिव्यांग बच्ची का क्या होगा?
इस पर आज भी ये परिवार बच्ची के ईलाज एवं प्रशासनिक मदद की आस में उम्मीद लगाये इंतजार कर रहा है कि शायद कोई प्रशासनिक मदद से इस बच्ची का ईलाज संभव हो पाये।

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