खबर का असर: गरियाबंद के नवपस्थ एसपी की सक्रियता से युवती को मिला न्याय

  • युवती को शादी का प्रलोभन देकर 6 साल तक शारीरिक शोषण के मामले में आखिर हो ही गया एफआईआर,आरोपी को हुआ जेल
  • सबसे बड़ा सवाल विभाग के आला अफसर अपने विभागीय किरकिरी होने से बचने के लिए क्या अपने लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कोई कार्यवाही करेंगे या फिर गैरजिम्मेदारो को बचाने का प्रयास

परमेश्वर कुमार साहू@गरियाबंद। युवती को शादी का प्रलोभन देकर 6 साल तक शारीरिक शोषण और पाण्डुका थाना द्वारा पीड़ित की फरियाद को अनसुना कर उन्हें मेंटल घोषित कर मामले में लीपापोती कर दिया था।पीड़ित द्वारा शिकायत के 2 माह बाद भी पाण्डुका पुलिस द्वारा कोई जांच व कार्यवाही नहीं किया था।जिससे पीड़ित युवती न्याय की आस लिए हुए बैठी थी।इस मामले को लेकर News24carate ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था।जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।हालांकि की ये मामला पूर्व एसपी पारुल माथुर के कार्यकाल का था।जो एक महिला होकर भी एक महिला को न्याय नहीं दिला पाया था।लेकिन जिले के नवपदस्थ एसपी जे.आर.ठाकुर ने मामले पर गंभीरता और तत्परता दिखाते हुए तुरंत करवाही के निर्देश दिया।बताना लाजमी है की खबर को संज्ञान में लेने के बाद एसपी श्री ठाकुर ने मामले की जानकारी लेने खुद हमारे संवाददाता से फोन के माध्यम से घटना की पूरी जानकारी लिए थे।जो एक पुलिस अधिकारी का महिला हिंसा जैसे घटनाओं को रोकने सक्रियता का परिचायक है। जिसके बाद सोमवार सुबह युवती को थाना बुलाकर उनका बयान दर्ज और मेडिकल जांच करवाया गया और अंततः मामले में एफआईआर हुआ और युवती को न्याय मिल ही गया।वही बीते कल युवती को बयान के लिए जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष भी पेश किया गया था। हमारे विशेष सूत्रों द्वारा लगातार पूरे मामले की जानकारी दी जा रही थी।वही आज जानकारी पुलिस विभाग से मिली है उसमे आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजने की जानकारी मिली है।आरोपी किशोर दीवान पिता विजय दीवान ग्राम पंचायत घटकर्रा के आश्रित ग्राम डीही का है।जिसने गांव के ही युवती को अपने प्रेम जाल में फंसाकर शारीरिक शोषण किया था।युवती की शिकायत पर जांच कार्यवाही हुआ और आरोपी आज सलाखों के पीछे पहुंच गया।वही स्थानीय पुलिस द्वारा पीड़ित युवती को मीडिया को कुछ भी बात बताने से मना भी किया गया है।

क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ था लीपापोती

आपको बता दे की पाण्डुका थाना क्षेत्र अंतर्गत युवती शादी के प्रलोभन से 6 साल तक अपने साथ हुई शारीरिक शोषण और अपनी आप बीती लेकर 19 अक्टूबर को थाना पहुंच न्याय की गुहार लगाई थी।जिसमे किशोर दीवान पिता विजय दीवान पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण का आरोप लगाई थी।लेकिन पाण्डुका पुलिस द्वारा कार्यवाही का आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया गया।कुछ दिन बाद जब पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं किया तो युवती एक बार फिर थाना पहुंच कानून के रखवालों से इंसाफ की गुहार लगाई लेकिन पाण्डुका के लापरवाह पुलिस अधिकारियों द्वारा युवती को आवेदन वापस लेने बोल दिया। इतना ही नहीं अपने साथ हुए घटना से मानसिक तनाव से जूझ रही पीड़ित युवती को पुलिस खुद मनोरोग चिकित्सक बन मेंटल भी घोषित कर दिया था।जिससे कानून का मजाक तो बना ही साथ ही इंसानियत भी शर्मसार हो गया ।जिसके बाद आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी पीड़ित युवती कन्ही से भी न्यान्य की उम्मीद नहीं दिखते चुप चाप बैठ गई थी। जब मामले की जानकारी News24carateसंवाददाता को पता चला तो पीड़ित युवती व उनके परिजनों को मिलकर जानकारी लिया और मामले की पूरी पड़ताल किया गया।जन्हा पाण्डुका थाना द्वारा उक्त मामले में युवती से न तो कोई बयान लिया था और न कोई जांच व कार्यवाही किया गया था।जबकि पीड़िता बालिक है और नियमानुसार उनका बयान दर्ज उसी समय हो जाना था जब युवती पहली बार आवेदन लेकर शिकायत करने थाना गई थी।लेकिन पाण्डुका थाना के जिम्मेदार अधिकारी द्वारा आरोपी पक्ष से मिलीभगत कर मामले में लीपापोती करने हर तरह से प्रयास किया।स्थानीय पुलिस थाना अगर चाहता तो आज जो भागदौड़ कर रहे है उसे उसी समय आरोपी को पकड़ लेता और आरोपी सलाखों के पीछे होता पर पाण्डुका पुलिस ने जानबूझकर मामले को दबाने का प्रयास किया।आपको बताना चाहेंगे की युवती ने जिस युवक पर आरोप लगाया है उनके माता पिता सरकारी कर्मचारी है।जो रसूखदार होने के साथ साथ पहुंच और पकड़ भी रखता है।जिसके चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।वही पीड़ित के निवास क्षेत्र में एक ऐसे पूर्व जनप्रतिनिधि भी है जो मामले में लीपापोती करने पुलिस का सहयोग भी कर रहे थे जो थाने में पदस्थ एक पुलिस का रिश्तेदार भी बताया जा रहा है।लेकिन सच्चाई धीरे धीरे आग की तरह सुलगते रहा और आज समाज के सामने वह सच्चाई आ ही गया जो बहुत पहले आ जाना था। ऐसे में अब देखना होगा की विभाग के आला अफसर अपने विभागीय किरकिरी होने से बचने के लिए क्या अपने लापरवाह पुलिसकर्मियों के ऊपर कोई कार्यवाही करेंगे या फिर लीपापोती कर अपने गैरजिम्मेदारो को बचाने का प्रयास करेंगे।लेकिन सबसे बड़ी बात ये की इतने बड़े मामले में चूक करना या जानबूझकर गलती करना जो विभाग के अधिकारियों ,कर्मचारियों की कार्यशैली से महिलाओ की सुरक्षा के प्रति सारे दावों की पोल खोल रहा है।

ड्रामेबाजों ने मामले को दबाने का किया था पूरा प्रयास

जिस तरह से उक्त मामले को दबाने पाण्डुका पुलिस ने भरसक प्रयास किया और अपने आपको व आरोपी को बचाने ड्रामेबाजी करने से भी बाज नहीं आए।जिम्मेदारों ने मामले को लीपापोती करने पीड़ित के पिता से आवेदन भी बनवा लिए और कहने लगे की शिकायत तो उनके पिता किए है कैसे कार्यवाही कर सकते है।जबकि हकीकत ये है की पीड़ित युवती द्वारा आवेदन दिया गया था।अगर मानलो आवेदन युवती के पिता के नाम से था तो भी तो पुलिस युवती का बयान लेकर एफआईआर कर सकते थे क्योंकि युवती बालिक है और न्याय की गुहार लगाने थाना पहुंची थी।लेकिन इतने बड़े गंभीर मामले को पाण्डुका थाना के जिम्मेदारों द्वारा लीपापोती करने का प्रयास किए।उससे साफ है इन्हे महिलाओं की सुरक्षा के प्रति कोई सरोकार नहीं है।जिससे पाण्डुका पुलिस का क्षेत्र की जनता के बीच किरकिरी होना स्वाभाविक है।आखिर ड्रामा खत्म हुआ और उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एफआईआर दर्ज हुआ और आरोपी की गिरफ्तारी भी।जिसमे नवपदस्थ एसपी की काफी सराहना हो रही है।

वर्दी का रौब,पद का दुरुपयोग

गौरतलब है की शासन और उच्च पुलिस विभाग द्वारा पुलिस की छवि सुधारने और आम जनता के साथ मित्रतापूर्ण व्यवहार को लेकर तरह तरह के प्रयास कर रही है।ताकि जनमानस में आपसी सामंजस्य से शांति कायम रहे।लेकिन जिस वर्दी को सेवा के लिए दिया गया है उसी वर्दी का कई लापरवाह जिम्मेदार पुलिसकर्मी गलत तरह से उपयोग कर रौब दिखाने और मनमानी करने से भी बाज नहीं आते है।सरकार के लाखो प्रयास के बावजूद आज भी पुलिस की छवि नही सुधर पा रही है और कई अफसर आज भी वर्दी के रौब में अंग्रेज जमाने का कानून चलाने से भी बाज नहीं आ रहे है।कुछ ऐसा ही खाकी का दुरुपयोग युवती के इस मामले में पाण्डुका थाना में भी देखने को मिला। जन्हा जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अपने कर्तव्यो के विपरित कार्य कर मामले को दबाकर कानून के रक्षक खुद भक्षक बन बैठे थे।इस घटना से पुलिस की जमकर किरकिरी हुई।वही इस तरह के मामलो को उजागर करने वाले न्यूज रिपोर्टरो के साथ ओछी मानसिकता रख षड्यंत्र करने से भी बाज नहीं आते है।अब देखना ये होगा की इन जिम्मेदार लापरवाहो के ऊपर कोई कार्यवाही होगी या फिर बचाया जायेगा। जो लोगो के लिए सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है और लोगो की नजरे इस मामले पर टिकी हुई है।

किसी भी जनप्रतिनिधि और नेताओ ने नही लिया सुध

जनता को अपना सेवक बताने और सत्ता पाने के लिए लोक लुभावन वादा करने वाले जनप्रतिनिधियों की क्षेत्र में भरमार है।लेकिन इन्हे कार्यक्रमों में भाषण देने और बड़े बड़े डींगे मारने के आलावा आम जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।इतने बड़े मामले होने और खबर प्रकाशन के बावजूद भी स्थानीय जनप्रतिनिधि ,क्षेत्रीय विधायक सहित किसी भी नेता ने इस ओर सुध नहीं लिया।जो इन जनप्रतिनिधियो की कार्यशैली पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।जिस विश्वास के साथ जनता ने इन्हे चुना है उस पर ये जनप्रतिनिधि खरा उतरते नजर नहीं आ रहा है।

इस संबंध में गरियाबंद एसपी जे. आर.ठाकुर से जानकारी लेने पर बताया कि इस मामले पर कार्यवाही हो गई है।

आरोपी युवक की गिरफ्तारी हो गया है और उसे जेल भी हो गया है।
ललित साहू,प्रधान आरक्षक , पाण्डुका थाना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *