पाटन।विकासखण्ड के ग्राम पंचायत सांकरा में ग्रामीनो को पेयजल उपलब्ध कराए जाने के लिये लगभग 12 साल पहले लाखों रुपये खर्च कर पीएचई विभाग द्वारा पानी टंकी का निर्माण किया गया था। लेकिन आज तक इस पानी टंकी से लोगों को एक बूंद पानी नसीब नही हुआ है। विभाग द्वारा बगैर टेस्ट किये पंचायत को हैंडओवर कर दिया गया। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीनो को पानी की सुविधा मुहैया कराने ग्राम पंचायत को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। पंचायत और ग्रामीणों ने पानी टंकी को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री से लेकर विभाग को शिकायत किये लेकिन आज तक इस दिशा में कोई सार्थक पहल नही हो सका। जिसके वजह से अब ग्रामीण थक हारकर केवल विभाग को कोसने का काम कर रहे है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस समय पाइप लाइन बिछाया गया उस समय आधा अधूरा और घटिया क्वालिटी की पाइप लगाया गया था। जो बिछाते समय ही टूट फुट गया था । जिसमे कारण पानी सप्लाई नही हो पाता। अब विभाग को सवाल करने पर कहा जाता है कि पंचायत को हैंड ओवर कर दिया गया है।
नल पोस्ट बच्चों के लिये बना स्टंप
पानी टंकी के पास बने नल पोस्ट से पानी की एक बूंद आज तक नही निकला है जिसे अब बच्चे क्रिकेट खेलने के स्टंप बनाकर अपने लिये उपयोग कर रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि टंकी से पानी तो आज तक नही मिला लेकिन उसकी हर साल रँगरोगण कर बेफजूल खर्च किया जाता है।
असामाजिक तत्वों का बना डेरा
पानी टंकी में पानी नही होने के कारण टंकी का उपयोग असामाजिक तत्वों द्वारा नशे का उपयोग करने का अड्डा बना लिया है। नशेड़ी सीढ़ियों के सहारे नीचे उतरकर टंकी को नशे का आशियाना बना लिए है।
एक टंकी से पानी नही मिल रहा दूसरा बनाने की तैयारी
सांकरा में बने एक पानी टंकी से लोगो को 12 साल बाद भी पानी नही मिला है अब विभाग द्वारा दूसरे टंकी बनाये जाने की खबर विभाग द्वारा दी जा रही है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत पानी टंकी और पाइप लाइन बिछाए जाने की खबर मिली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। पहले से बने पानी टंकी अब तक सफेद हाथी साबीत हो चुका है।
पंद्रह दिनों में ठीक किये जाने का मिला था आश्वासन
तत्कालीन भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह लोक सुराज अभियान में ग्राम सांकरा पहुंचे थे तब ग्रामीणों ने पानी की समस्या से उन्हें अवगत करवाया था उस समय विभाग द्वारा 15 दिनों में टंकी से पानी सप्लाई शूरु किये जाने का आश्वासन दिया था। आश्वासन दिए हुए 4 साल बाद भी इस ओर विभाग ने ध्यान नही दिया।
सरपंच रेशम यशवंत जांगड़े नर बताया कि पानी टंकी लगभग 12 साल पहले बनी है। सरपंच बनने के बाद के सबसे पहले लोगो को पानी की सुविधा दिलाने उक्त टंकी में पानी भरकर टेस्टिंग किया गया था। इस पानी टंकी के ऊपर विभाग ने और पंचायत ने भी ध्यान नही दिया।
क्या कहते है जिम्मेदार अधिकारी
पीएचई विभाग के एसडीओ जी एस राउत का कहना है कि पानी टंकी ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दिया गया है। गली सीमेंटीकरण और कुछ लोगो द्वारा अतिक्रमण कर पाइप लाइन के ऊपर ही घर बना लिया है इसके कारण पाइप लाइन छति ग्रस्त हो गया है। जिसके कारण पानी सप्लाई नही हो रहा है।
