परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद
अपने कारनामों की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहने वाले शिक्षा विभाग का बीआरसीसी कार्यालय छुरा इन दिनों 18 लाख के बर्तन घोटाले के कारनामों को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। हालांकि यह मामला बीते 2 साल पहले 2019 का है।जिसमें विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र के नाम पर बर्तन खरीदी की गई थी ।जो कुछ दिनों बाद चोरी हो गया था ,पर शिकायत के बाद आज तक न विभाग ने कोई कार्रवाई की है ना ही पुलिस प्रशासन ने ।बताया जा रहा है कि इस मामले में आज तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई ।वही इस मामले मे बीआरसीसी छुरा महेश राम साहू थाना में आवेदन देने की बात कह रहे हैं ।कही विभागीय पकड़ और राजनीतिक पकड़ होने की वजह से आज तक इतने बड़े मामले में कोई कार्यवाही नहीं करना हैरानी की बात है। साथ ही बीआरसीसी कार्यालय से इतने भारी भरकम 18 लाख के सामान का चोरी हो जाना समझ से परे है । जो अपने आप में बहुत बड़ा सवाल पैदा करता है क्योंकि जहा पर यह बीआरसीसी कार्यालय स्थित है उसके आसपास कई लोगों के घर है ।ऐसे में जब रात चोरी हुआ तो कैसे लोगों को पता नहीं चला ? 18 लाख के बर्तन कितने सारे होंगे जिसे चोर किस वाहन में ले गया होगा। नगर पंचायत छुरा के कई दुकान व रास्ते में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। ऐसे में किसी के सीसीटीवी कैमरे में चोरी की वारदात कैसे कैद नहीं हुई ?ऐसे बहुत सारे सवाल है जो लोगो के समझ से परे है ।कहीं ऐसा तो नहीं कि बर्तन चोरी का बहाना बनाकर फर्जी बिल लगाकर राशि आहरण कर लिया गया हो और बर्तन चोरी का मनगढ़ंत कहानी बनाया जा रहा हो। जिससे लोगों को गुमराह किया जा सके और पूरी राशि डकार लीया जाए ।हालांकि इस मामले को लेकर तात्कालिक जिला पंचायत सीईओ, डीएमसी गरियाबंद और एसडीएम छुरा से शिकायत की गई थी और जांच टीम भी गठित किया गया था पर आज तक ,ना जांच हुई ना कार्यवाही ।ऐसे में जानबूझकर लेटलतीफी किया जा रहे हैं और इस गंभीर मामले को ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है
ताकि आरोपी बीआरसीसी को बचाया जा सके ।
वर्जन
डीएमसी श्याम चंद्राकर जिला गरियाबंद
जांच के लिए टीम गठित हो गई है जांच के लिए जिस दिन आने वाले थे उस दिन कोई दूसरा टीम आया था जिस करण हम लोग नहीं आ सके इस सप्ताह जांच कर कार्यवाही की जाएगी।
