पाटन—-राधे कृष्ण भक्ति प्रचार समिति एवं नगर वासियों के तत्वाधान में सुश्री गोपिकेश्वरी देवी का दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन एवँ रसमय संकीर्तन का आयोजन 11दिसम्बर से प्रारम्भ हो गया है प्रथम दिवस प्रवचनकर्ता गोपिकेश्वरी देवी ने कहा कि बताया कि प्रत्येक जीव दुःखी है, अशांत है और सुखी होने के अनेकों उपाय करता है किंतु सुख के स्थान पर दुःख ही हाथ आता है । ऐसा क्यों? तो बताया कि दो प्रश्नों का समाधान ना होने के कारण ही जीव संसार में दुखी है । कौन से दो प्रश्न ? एक हम क्या चाहते हैं ? और दूसरा जो कुछ चाहते हैं, वह कैसे मिलेगा ? जिस दिन इन प्रश्नों का समाधान हो जाएगा बस जीव सदा के लिए सुखी हो जायेगा । फिर आगे मानव देह का महत्व बताते हुए कहा कि चौरासी लाख योनियों में सबसे दुर्लभ शरीर है क्योंकि इसी शरीर में ही हम अपना कल्याण कर सकते हैं । यहां तक कि स्वर्ग के देवी देवता भी भगवान् से प्रार्थना करते हैं इस मनुष्य शरीर को पाने के लिए । लेकिन क्यों ?
प्रवचन के दूसरे दिन गोपिकेश्वरी देवी ने कल के प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि स्वर्ग के देवी देवता इस मनुष्य शरीर को चाहते हैं क्योंकि मनुष्य योनि ही एक मात्र कर्म योनी जिसमें हम अच्छा कर्म करके भक्ति करके अपना कल्याण कर सकते हैं ,बाकी शेष योनियां केवल भोग योनियां है, यहां तक कि स्वर्ग योनि भी भोग योनि है, जहां जीव केवल अपने कर्मों को भोगने जाता है, कुछ नया कर्म नहीं कर सकता । फिर बताया कि मानव देह दुर्लभ होते हुए भी क्षण भंगुर है, कब छिन जाए कोई भरोसा नहीं इसलिए जल्दी से जल्दी हमें अपना कल्याण करना हैं, अन्यथा ये मानव देह छिना तो केवल चौरासी लाख योनियों में भटकना पड़ेगा ।और फिर पहले प्रश्न का समाधान करते हुए की हम क्या चाहते हैं ? देवी जी ने बताया कि विश्व का प्रत्येक जीव प्रत्येक कर्म केवल आनंद पाने के लिए ही करता है भले ही दिखने में कितना ही विरोधी कर्म हो परंतु आनंद पाने के लिए ही कर्म होता है । क्यों ? क्योंकि प्रत्येक जीव भगवान का अंश है और वो भगवान स्वयं आनंद हैं इसलिए उसके अंश होने के कारण हम सब भी आनंद ही चाहते हैं और ये आनंद पाने की दौड़ तब तक चलती रहेगी जब तक जीव अपने अंशी भगवान को प्राप्त नहीं कर लेता । और भगवान को कैसे जानना है ? प्राप्त करना है, ये सब आगे प्रवचनों में बताया जाएगा नगर का नागरिको ने प्रवचन का लाभ लिया जिसमे पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष कॄष्ण कुमार भाले के अलावा अनेक लोग शामिल हुए

