नि: शुल्क नवोदय कोचिंग क्लास पाटन में शुरू”,,जनपद उपाध्यक्ष देवेन्द्र चन्द्रवंशी ने शिक्षकों के प्रयास को सराहा-

पाटन—–देश में सीबीएसई पाठ्यक्रम अंतर्गत श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शैक्षिक संस्थान जवाहर नवोदय विद्यालय में अपने बच्चों को पढ़ाने के सपने संजोए पाटन क्षेत्र के पालकों के लिए सोमवार 6नवम्बर का दिन बड़ी राहत भरी रही। बीआरसी भवन सभागार पाटन में प्रत्येक दिवस शाम 4:30 से एक घंटे के लिए होने वाले नि: शुल्क नवोदय कोचिंग क्लास का शुभारंभ हुआ। जिसमें उत्कृष्ट शिक्षक एवं शिक्षादूत द्वय सुनील छेदैया एवं विरेन्द्र साहू द्वारा मार्गदर्शन किया जाएगा। साथ ही समय – समय पर अन्य उत्कृष्ट शिक्षकों का योगदान भी मिलेगा।
नि: शुल्क नवोदय कोचिंग क्लास के शुभारंभ पर पाटन क्षेत्र के खम्हरिया,खोरपा, इंदिरा नगर,अटारी व आसपास के शासकीय एवं निजी स्कूलों के लगभग 50से अधिक बच्चे अपने पालकों की सहमति से सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सहर्ष शामिल हुए। साथ में उनके पालक भी जवाहर नवोदय विद्यालय के विषय में जानकारी लेने उत्सुक दिखे। जिन्हें उत्कृष्ट शिक्षक एवं सभी शिक्षादूत सम्मान से सम्मानित 4 शिक्षकों राजेन्द्र मारकण्डे, अंकेश महिपाल, सुनील छेदैया, विरेन्द्र साहू ने विस्तार से बताएं,कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी के द्वारा आधुनिक भारत में योगदान हेतु मजबूत नींव तैयार करने शिक्षा के क्षेत्र में जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के तहत मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा देश सभी जिलों में नि: शुल्क आवासीय विद्यालय खोले गए।जो सीबीएसई पाठ्यक्रम में श्रेष्ठ शैक्षिक समूह का गौरव अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन पर हासिल किए है। जिसमें कक्षा छठवीं में चयन हेतु तीन क्षेत्र मानसिक योग्यता, गणित व हिन्दी की जानकारी, परीक्षा पैटर्न,ओएमआर सीट से परीक्षा, परीक्षा तिथि 30अप्रैल साथ ही जवाहर नवोदय विद्यालय बोरई में दिए जाने वाले उत्कृष्ट शिक्षा एवं अन्य जानकारी साझा किए गए। इस दौरान उपस्थित जनपद पंचायत पाटन के उपाध्यक्ष देवेन्द्र चन्द्रवंशी ने अपने प्रेरणा भरे शब्दों में शिक्षकों के द्वारा इस आयोजन की प्रशंसा के साथ ही बच्चों को बेहतर प्रदर्शन एवं उज्जवल भविष्य हेतु अपने विचार व अनुभव साझा किए। तथा पाटन तहसील के अलग-अलग हिस्सों में भी इस तरह के शिक्षा अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाने हेतु उचित प्रयास किए जाने की जरूरत पर जोर दिये, जिससे पाटन क्षेत्र के बच्चों का प्रदर्शन भविष्य में बेहतर हो सकें।

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