परमेश्वर कुमार साहू@गरियाबंद। राज्य में हजारों की तादाद में विद्या मितान(अतिथि शिक्षक) कार्य कर शिक्षा का अलख जगा रहे है।जो अतिसंवेदशील,दूरस्थ,दुर्गम,बीहड़ सहित आदिवासी अंचलों में कई वर्षों से पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ अल्प मानदेय में देश के भावी पीढ़ी को समर्पण भाव से शिक्षा देकर बेहतरीन कार्य कर एक बेहतरीन राष्ट्र के निर्माण में ये विद्या मितान अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है।फिर भी इनकी मांगों को सरकार अनसुना कर पढ़े लिखे इन बेरोजगारों के साथ भद्दा मजाक करने में लगा है।गौरतलब है कि राज्य के स्थानीय निवासी को शासन द्वारा निर्धारित योग्यता धारण करने वाले जो संबंधित विषयों में स्नातकोत्तर व बी. एड. प्रशिक्षित वाले युवा अतिथि शिक्षक जो आज प्रयंत उत्कृष्ट शिक्षकीय सेवा प्रदान कर रहे है।जिनकी नियमितीकरण की घोषणा छत्तीसगढ़ कांग्रेस जन घोषणा पत्र के पृष्ठ क्रमांक 35 में स्पष्ट रूप से किया गया था।जिसको सभी प्रमुख मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के द्वारा बाकायदा अनुशंसा भी किया गया है।जिसे आज तक शासन द्वारा अमल नहीं किया गया है।जिसके चलते राज्य में कार्यरत लगभग 2500 अतिथि शिक्षको के भविष्य पर संकट मंडराने लगा है।
बता दे की अतिथि शिक्षक नियमित रोजगार की लगातार मांग कर रहे है।जिसको अगर नियमितीकरण किया जाता है तो शासन को किसी भी प्रकार से अतिरिक्त भार नहीं उठाना पड़ेगा और इन्हे रोजगार मिल जाएगा।

जिसको लेकर जन जागरण पदयात्रा ग्राम पिपरछेडी , तहसील -गरियाबंद, जिला-गरियाबंद में पधारे अमरजीत भगत खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं संस्कृत पर्यटन मंत्री छत्तीसगढ़ शासन एवं प्रभारी मंत्री जिला गरियाबंद को अतिथि शिक्षक (विद्या मितान )संघ गरियाबंद के द्वारा जन घोषणा पत्र के अनुसार अतिथि शिक्षक विद्या मितान के नियमितीकरण हेतु ज्ञापन दिया गया। जिसके लिए अतिथि शिक्षक (विद्या मितान) गरियाबंद के अध्यक्ष -गिरधारी प्रसाद साहू, महेंद्र निर्मलकर, नूतन साहू, योगेश्वरी यादव, मोरारजी साहू, संतोष कुमार सेन, चम्मन लाल पटेल,इन साथियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।
