परमेश्वर कुमार साहू@गरियाबंद।देश भर में जगह-जगह दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का जन्मदिवस मनाया गया। हर राजनीतिक पार्टियां गांधी जी का गुणगान और उनके विचारों पर बात करते दिखें। लेकिन जमीनी स्तर पर गांधी जी की फ़िक्र किसी को नहीं दिखी।गरियाबंद जिले में एक ऐसा आश्रम है जहाँ के खेल मैदान में गांधी जी की मूर्ति तो लगी हुई है लेकिन उसका चश्मा पिछले तीन माह से गायब है।लेकिन अब तक इस मामले की किसी ने सुध तक नहीं ली है।देश भर में 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्मदिवस मनाया गया। हर राजनीतिक पार्टियां गांधी जी का गुणगान और उनके विचारों पर बात करते हुए उनके बताए सत्कर्मो पर चलने की बात कहते है। लेकिन जमीनी स्तर पर गांधी जी की फ़िक्र किसी को नहीं दिखी।इसका उदाहरण गरियाबंद ब्लाक के ग्राम पीपरछेड़ी आश्रम जहां स्कूल भी संचालित होता है वहा देखने को मिला। ज्ञात हो कि ग्राम पीपरछेड़ी आश्रम वहां हाईस्कूल तक के बच्चे पढ़ते है वही आश्रम भी संचालित है। उस आश्रम के खेल मैदान में गांधी जी की प्रतिमा स्थापित तो किया गया है,लेकिन उसका रखरखाव करना अधीक्षक और शिक्षक भूल गए है,तभी वहां स्थापित मूर्ति बिना बिना चश्मे का है। उनके चश्मे के बारे में मोबाइल के माध्यम से अधीक्षक यशवंत को पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि तीन माह से वे गरियाबंद नही गए है उसके चलते गांधी जी के लिए चश्मा नही ला पाए। जबकि उस ग्राम और उस क्षेत्र से सैकड़ो लोग गरियाबंद जिला मुख्यालय प्रतिदिन आते है अधीक्षक अगर चाहता तो किसी भी ब्यक्ति से चश्मा मंगा सकते है।
गरियाबंद ब्लॉक के ग्राम पीपरछेड़ी के आश्रम में स्थापित गांधी जी की मूर्ति से तीन माह से चश्मा गायब,लापरवाह अधीक्षक ने गांधी जी के चश्मा पर क्या जवाब दिया….पढ़े पूरी खबर
