बैलगाड़ी से धान बेचने मुख्यमंत्री निवास जायेगी जिला पंचायत सदस्य अनीता ध्रुव, किसान विरोधी है भूपेश सरकार

परमेश्वर कुमार साहू@धमतरी। भाजपा आदिवासी नेत्री जिला पंचायत सदस्य अनीता ध्रुव अपने गृह ग्राम सलोनी से मुख्यमंत्री निवास रायपुर तक बैलगाड़ी में धान बेचने जाएगी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धान खरीदीने आग्रह करेंगी। अनीता ध्रुव ने इसकी जानकारी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा कर दी है। अनीता ध्रुव ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के भूपेश बघेल कांग्रेस सरकार द्वारा 01 दिसम्बर से धान खरीदी करने की घोषणा की है जिसका घोर विरोध प्रकट की है। आदिवासी भाजपा नेत्री अनीता ध्रुव ने कहा कि राज्य के किसान कांग्रेस सरकार के किसान विरोधी निर्णय से काफी आहत एवं परेशान है। इसलिए प्रदेश की जनता व किसान भूपेश बघेल सरकार को किसान विरोधी और भोली जनता को बेवकूफ बनाने वाली मान रही है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं लघु सीमांत किसान परिवार से नाता रखती हूँ और मेहनत करके धान की फसल लगायी थी, जिसकी कटाई मिंजाई हो चुकी है। मेरे घर में धान को रखने की जगह नहीं है। इसलिए कांग्रेस सरकार के निर्णय का घोर विरोध करते हुए अपने घर ग्राम सलोनी से बैलगाड़ी से धान भरकर 20 नवम्बर शनिवार को रायपुर मुख्यमंत्री निवास में जाकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से अपनी धान खरीदने का आग्रह करूंगी। अनीता ध्रुव ने बताया कि इसकी जानकारी कलेक्टर महोदय, पुलिस अधीक्षक और तहसीलदार कुकरेल जिला धमतरी को दे दी है।

अनीता ध्रुव ने कहा कि मौसम के बदले तेवर से क्षेत्र के किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। असमय बारिश से खरीफ फसल को काफी नुकसान हुआ है। कई जगह तो खेतों में धान कटी हुई रखी थी जो अब डूब चुकी है, बेमौसम बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को पहुंचा है। मौसम खराबी होने और बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। बारिश की वजह से खेतों खड़ी फसलें बिछ गई हैं। वहीं इस बारिश से सब्जी की फसल भी प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि जो किसान अपने धान की फसल कटाई करके संजोये रखा है लेकिन प्रदेश के कांग्रेस सरकार का किसान विरोधी चेहरा देखते हुए अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। कहा कि भूपेश बघेल सरकार अपने आप को किसानों का हितैषी मानता है लेकिन दूसरी तरफ किसानों व प्रदेश की जनता को धोखा देने के लिए नहीं चुकती है। जिसके कारण प्रदेश के गरीब किसान समर्थन मूल्य में धान बेचने से वंचित हो सकतें है और अपनी खून-पसीने की कमाई से उपजाये हुए धान की फसल कौ औने-पौने दाम में बेचने को मजबूर हो सकतें है। ग्रामीण क्षेत्र में बिचैलियों गरीब किसानों की मजबूरी का फायदा उठाने से नहीं चुकते है और पहले से कम मूल्य में धान खरीद कर किसानों का शोषण करता है। इसे देखते हुए जिला पंचायत सदस्य ने अपनी धान को मुख्यमंत्री के हाथों बेचने का निर्णय लिया है, उनकी यह कदम को धमतरी जिलावासी एवं किसानों ने सराहनीय कदम बताया है। जिला पंचायत सदस्य अनीता ध्रुव का कहना है कि प्रतिवर्ष की तरह प्रदेश के किसान 01 नवम्बर को अपने धान बेचने की शुरुआत का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अचानक एक माह बाद धान खरीदी करने की प्रदेश सरकार की मंशा समझ से बाहर है। ग्रामीण किसानों की फसल की कटाई, मिंजाई का कार्य अक्टूबर माह से ही जोर पकड़ लेता है और आज भी अधिकांश किसानों की फसल कटकर बेचाई कार्य के लिए तैयार है इसलिए प्रदेश की जनता व किसान आश्चर्य में पड़ा हुआ है और काफी परेशान है। मौसम के बेरूखी से किसानों को धान रखने की चिंता सता रही है।

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